लोकसभा चुनाव: उमर अब्दुल्ला ने बारामूला सीट से नामांकन दाखिल किया
योगेश सुरेश
- 02 May 2024, 03:15 PM
- Updated: 03:15 PM
(तस्वीरों के साथ)
श्रीनगर, दो मई (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर की बारामूला लोकसभा सीट से बृहस्पतिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
नेकां के कोषाध्यक्ष शम्मी ओबेरॉय और जम्मू-कश्मीर की प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जी. एन. मोंगा के साथ अब्दुल्ला ने बारामूला के निर्वाचन अधिकारी मिंगा शेरपा के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया।
उमर अब्दुल्ला का मुकाबला पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और अलगाववादी से नेता बने सज्जाद लोन से है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने इस सीट से पूर्व राज्यसभा सदस्य मीर फयाज को मैदान में उतारा है।
इस सीट से नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख तीन मई है, जबकि मतदान 20 मई को होगा।
अब्दुल्ला ने बारामूला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान लोन की उस टिप्पणी पर कुछ कहने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने (लोन ने) कहा था कि अगर विपक्षी गठबंधंन 'इंडिया' अनुच्छेद 370 की बहाली पर सार्वजनिक प्रतिबद्धता दर्शाता है तो पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता चुनाव मैदान से हट जाएंगे।
‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा था कि अगर नेकां को विपक्षी समूह को अनुच्छेद 370 को बहाल करने के लिए सार्वजनिक रूप से प्रतिबद्ध करने का मौका मिलता है तो वह अपनी उम्मीदवारी वापस ले लेंगे।
अनुच्छेद 370 की बहाली के मुद्दे पर नेकां के रुख के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर फैसले के खिलाफ उनकी पार्टी का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा, "हम उन फैसलों के खिलाफ लोगों से वोट मांग रहे हैं, ऐसा नहीं है कि हम अकेले हैं, हमारे कई दोस्त भी यह लड़ाई लड़ रहे हैं। अल्लाह ने चाहा तो ऐसे दोस्तों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ेगी।"
अब्दुल्ला ने कहा कि लोकसभा चुनाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पांच अगस्त, 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में पहला बड़ा चुनाव है।
नेकां उपाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने 20 साल बाद लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है। वह 2004 से 2009 तक 14वीं लोकसभा के सदस्य थे।
उन्होंने कहा, "दस साल बाद मैंने किसी चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है। यह आपको जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र की स्थिति को दर्शाता है। पिछला विधानसभा चुनाव 2014 में हुआ था और अब 10 साल से कोई विधानसभा चुनाव नहीं हुआ है।"
उन्होंने कहा, "नेकां और विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' को उम्मीद है कि गठबंधन जम्मू-कश्मीर की सभी पांच सीट और लद्दाख सीट पर भी जीत हासिल करेगा।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस टिप्पणी पर कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर गोहत्या बढ़ जाएगी, अब्दुल्ला ने कहा कि निर्वाचन आयोग को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि उन्हें चुनावों में धर्म का उपयोग करने के लिए चुनाव आयोग से खुली छूट क्यों मिली हुई है। दूसरों से कहा जाता है कि वे आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के तहत चुनाव में वोट मांगने या लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने के लिए धर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते।’’
उन्होंने कहा, "भाजपा के स्टार प्रचारक न केवल धर्म का इस्तेमाल करते हैं, बल्कि लोगों को विभाजित करने का प्रयास भी किया जाता है, चाहे वह 'मंगलसूत्र' या भूमि के नाम पर हो या गोहत्या के नाम पर। दुर्भाग्य से इस देश में नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है और वह भी उस पार्टी द्वारा, जिसके नेता, जिसमें खुद प्रधानमंत्री भी शामिल हैं, यह कहते नहीं थकते कि वह (प्रधानमंत्री) सभी 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं।"
अब्दुल्ला ने एक चुनावी रैली में मोदी के उन आरोपों का जिक्र किया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो वह लोगों की संपत्ति को मुसलमानों में फिर से बांट देगी।
उन्होंने कहा, "अगर वाकई ऐसा है तो नफरत फैलाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ये बयान खासकर 14 फीसदी मुस्लिम आबादी के खिलाफ, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।"
भाषा योगेश