झारखंड के मुख्यमंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस पर अपने पिता शिबू सोरेन के योगदान को याद किया
यासिर दिलीप
- 09 Aug 2025, 07:07 PM
- Updated: 07:07 PM
रांची, नौ अगस्त (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और अपने पिता शिबू सोरेन के योगदान को याद किया।
राज्य भर में नौ अगस्त को मनाया जाने वाला आदिवासी दिवस इस वर्ष शिबू सोरेन के निधन के तहत सादगी से मनाया जा रहा है। शिबू सोरेन का सोमवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया था और उनकी उम्र 81 वर्ष थी।
मुख्यमंत्री सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘आज विश्व आदिवासी दिवस है, लेकिन मेरे मार्गदर्शक, मेरे गुरु, मेरे पिता अब शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं। हालांकि, उनका संघर्ष, उनके विचार और उनके आदर्श हमें सदैव प्रेरित करते रहेंगे। वे न केवल मेरे पिता थे, बल्कि सम्पूर्ण आदिवासी समुदाय सहित झारखंड की आत्मा, संघर्ष के प्रतीक और जल-जंगल-जमीन के सबसे मुखर रक्षक थे।’’
शिबू सोरेन ने कई वर्षों तक राजनीतिक संघर्ष किया और पृथक झारखंड राज्य के निर्माण की मांग की, जिसके बाद 15 नवंबर 2000 को राज्य अस्तित्व में आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज ने मानवता को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर सुखी जीवन जीने का मार्ग दिखाया है।
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं दीं।
गंगवार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘झारखंड के आदिवासी समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। इस समाज के लोगों ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अमूल्य योगदान दिया है। आदिवासी संस्कृति, परंपराएं और लोक कलाएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें वैश्विक मान्यता प्राप्त है।’’
विभिन्न आदिवासी संगठनों ने पारंपरिक तरीके से इस दिन को मनाया। लोग सिरम टोली स्थित सरना स्थल (आदिवासी धार्मिक स्थल) पर एकत्रित हुए और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, उन्होंने रांची में एक रैली भी निकाली।
कांग्रेस की झारखंड इकाई के सदस्यों ने पार्टी के राज्य मुख्यालय में ‘अगस्त क्रांति दिवस’ और विश्व आदिवासी दिवस मनाया, जहां स्वतंत्रता सेनानियों और आदिवासी नायकों को पुष्पांजलि अर्पित की गई।
इस बीच, झारखंड सरकार ने शिबू सोरेन के निधन के कारण राज्य प्रायोजित तीन दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव स्थगित कर दिया है। यह महोत्सव शनिवार से शुरू होने वाला था।
भाषा यासिर