शाह ने एसआईआर पर आपत्ति जताने के लिए विपक्ष की आलोचना की, कहा- घुसपैठियों को वोट का अधिकार नहीं
नेत्रपाल रंजन
- 08 Aug 2025, 05:08 PM
- Updated: 05:08 PM
(तस्वीरों के साथ)
सीतामढ़ी (बिहार), आठ अगस्त (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर आपत्ति जताने को लेकर विपक्षी दलों की शुक्रवार को आलोचना की और कहा कि घुसपैठियों को ‘‘वोट देने का कोई अधिकार नहीं है।’’
शाह ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी राज्य में एसआईआर कवायद पर राजनीति कर रहे हैं।
सीतामढ़ी जिले के पुनौराधाम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने चाहिए। उन्हें वोट देने का कोई अधिकार नहीं है। लेकिन बिहार में राजद और कांग्रेस एसआईआर का विरोध कर रहे हैं क्योंकि घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।’’
राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि लोकसभा चुनाव में बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 मतों की चोरी की गई, जबकि यह सीट भाजपा ने 32,707 मतों के अंतर से जीती।
उन्होंने कहा, ‘‘महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र की जांच की, जहां 1,00,250 वोट चोरी किए गए, 11,965 ‘डुप्लीकेट’ मतदाता बनाए गए, 40,009 फर्जी पतों का इस्तेमाल हुआ, 10,452 मतदाताओं को एक ही पते पर पंजीकृत किया गया, 4,132 मतदाता फर्जी फोटो के साथ सूची में जोड़े गए तथा 33,692 नए मतदाता फॉर्म-6 का गलत इस्तेमाल कर जोड़े गए।’’
ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्षी दलों के रुख पर शाह ने दावा किया कि संप्रग शासन के दौरान भारत में आतंकवादी हमले अकसर होते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अब नरेन्द्र मोदी जी के शासन में भारत अलग है। हमारे सैनिकों ने आतंकवादियों को उनके ठिकानों में मार गिराया। लेकिन राजद और कांग्रेस के नेता ऑपरेशन सिंदूर का विरोध कर रहे हैं।’’
शाह ने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में राजग सरकार बनाएगा।
उन्होंने दावा किया, ‘‘राजद ने बिहार के लिए कुछ नहीं किया। लालू जी ने केंद्रीय मंत्री के रूप में बिहार में रेलवे के बुनियादी ढांचे के लिए 1,132 करोड़ रुपये मंजूर किए, जबकि हमारी सरकार ने वित्त वर्ष 2026 में 10,066 करोड़ रुपये प्रदान किए।’’
शाह ने यह भी आरोप लगाया कि राजद ने राज्य में अपने शासन के दौरान ‘‘गुंडागर्दी’’ को बढ़ावा दिया।
भाषा
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