राष्ट्रपति मुर्मू को 'डॉक्टर ऑफ सिविल लॉ' की मानद डिग्री प्रदान की
जितेंद्र अमित
- 12 Mar 2024, 07:45 PM
- Updated: 07:45 PM
पोर्ट लुइस, 12 मार्च (भाषा) मॉरीशस विश्वविद्यालय ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 'डॉक्टर ऑफ सिविल लॉ' की मानद डिग्री प्रदान की। यह कदम दोनों देशों के बीच संबंधों की गहराई को दर्शाता है।
मॉरीशस की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर पहुंचीं 65 वर्षीय मुर्मू इस दौरान मंगलवार को देश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर भी शामिल होंगी।
विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ''भारत-मॉरीशस संबंधों की गहराई का प्रतीक एक विशेष सम्मान! मॉरीशस विश्वविद्यालय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 'डॉक्टर ऑफ सिविल लॉ' की मानद डिग्री प्रदान की।''
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में मॉरीशस के युवाओं से अपने गौरवशाली अतीत को पोषित करने और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए भारत से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस पर भारत की जनता की ओर से शुभकामनाएं दीं।
मुर्मू ने कहा, ''मैं आज (मंगलवार) इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से 'डॉक्टर ऑफ सिविल लॉ' की मानद उपाधि प्राप्त करके विशेष रूप से सम्मानित महसूस कर रही हूं। मुझे उम्मीद है कि यह सभी युवाओं, विशेषकर युवतियों को अपने जुनून को तलाशने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगा।''
उन्होंने कहा, ''मॉरीशस पहुंचने के बाद से मुझे जो प्यार और स्वागत मिल रहा है, उससे मैं अभिभूत हूं। यह भारत-मॉरीशस संबंधों की ताकत और उन्हें बेहतर बनाने वाले लोगों के बीच घनिष्ठ संबंधों को दर्शाता है।''
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ''आज मॉरीशस विश्वविद्यालय में आप सभी के बीच खड़े होकर मुझे अहसास हुआ कि शिक्षा, दोनों देशों के बीच इस विशेष संबंध और मॉरीशस की नियति को आकार देने में एक महत्वपूर्ण साधन रही है।''
उन्होंने कहा, ''1901 में महात्मा गांधी ने भारतीय गिरमिटिया श्रमिकों को शिक्षा हासिल करने के लिए प्रेरित किया था, जिसके परिणामस्वरूप उनका राजनीतिक और सामाजिक सशक्तिकरण हुआ और मॉरीशस में परिवर्तन आया।''
उन्होंने कहा, ''सर शिवसागर रामगुलाम और सर अनिरुद्ध जुगनाथ जैसे नेताओं के दूरदर्शी नेतृत्व ने समृद्ध मॉरीशस की नींव रखी और एक जीवंत, बहुलवादी और समृद्ध राष्ट्र बनाया, जो अफ्रीका और दुनिया को प्रेरित करता है।''
भाषा जितेंद्र