विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित
सुभाष
- 12 Aug 2026, 04:49 PM
- Updated: 04:49 PM
नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) लोकसभा में बुधवार को विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई, वहीं सदन ने शोर-शराबे के बीच ही खान एवं खनिजों से संबंधित एक विधेयक को पारित कर दिया और एफसीआरए विधेयक को विस्तृत समीक्षा के लिए संसद की संयुक्त समिति को भेजने की मंजूरी दी।
अयोध्या के राम मंदिर से कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने के कुछ मिनट के भीतर ही अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
दो बजे बैठक शुरू हुई तो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (एफसीआरए) विधेयक, 2026 को संसद की संयुक्त समिति के पास भेजने का प्रस्ताव रखा। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और द्रमुक ने विधेयक को अल्पसंख्यकों के खिलाफ करार देते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस विधेयक में एक भी प्रावधान अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है तथा यह सिर्फ देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
इसके बाद, सदन ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच विधेयक को संयुक्त समिति को भेजने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।
नियम के अनुसार, इस संयुक्त समिति में 31 सदस्य होंगे, जिनमें लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सदस्य शामिल होंगे।
प्रस्ताव में कहा गया है कि समिति वर्ष 2026 के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के आखिरी दिन तक लोकसभा को रिपोर्ट सौंपेगी।
हंगामे के बीच पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने अपराह्न दो बजकर 27 मिनट पर सदन की बैठक तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
तीन बजे बैठक पुन: शुरू हुई तो केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को सदन में चर्चा एवं पारित करने के लिए पेश किया।
विपक्षी सदस्य अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी पर चर्चा और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। इसके साथ ही कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और द्रमुक के सदस्य एफसीआरए विधेयक, 2026 को वापस लेने की मांग करते हुए भी हंगामा कर रहे थे।
आरएसपी के एन. के. प्रेमचंद्रन ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 का विरोध करते हुए कहा कि यह संविधान और संघीय ढांचे के खिलाफ है।
हालांकि, सदन ने हंगामे के बीच बिना चर्चा के इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने नारेबाजी कर रहे विपक्षी सांसदों से कहा कि अगर वे वाकई इस विधेयक का विरोध करना चाहते थे तो उन्हें अपने-अपने स्थान पर जाकर इस पर बोलना चाहिए।
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कुछ विपक्षी सदस्यों के प्रदर्शन के तरीके की ओर इशारा करते हुए आसन से मांग की कि विपक्ष के वरिष्ठ साथियों को अनुशासन के साथ प्रदर्शन करने के लिए समझाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''अनुशासनहीनता सही नहीं है। विपक्ष के सदस्य अपनी-अपनी सीट पर चले जाएं तो हम (छात्रों के मुद्दे पर) अभी चर्चा शुरू करने को तैयार हैं। 80 प्रतिशत सदस्य चर्चा चाहते हैं।''
रीजीजू ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने आज एक पत्र लिखकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से फिर से अनुरोध किया है नीट परीक्षा को लेकर छात्रों का जो आंदोलन हुआ, उस पर तत्काल चर्चा शुरू करने के लिए सरकार तैयार है, बशर्ते कि विपक्ष के सदस्य सदन में शांति से बैठें।
पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने कहा, ''सरकार इसके लिए तैयार है कि इस चर्चा को तत्काल प्रारंभ किया जाए। आपकी मांग थी कि गृह मंत्री इस पर जवाब दें। सरकार चर्चा के लिए तैयार है। गृह मंत्री हर बिंदु पर जवाब देने के लिए तैयार हैं।''
रीजीजू ने विपक्षी सदस्यों की ओर इशारा करते हुए पुन: कहा, ''आप आसन के करीब आकर हंगामा कर रहे हैं...अपनी-अपनी सीट पर चले जाइए। हम अभी चर्चा आरंभ करने के लिए तैयार हैं। बस आप अपनी-अपनी सीट पर चले जाइए।''
रीजीजू ने कहा, ''आप लोग (मानसून सत्र के) पहले दिन से चर्चा और गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहे हैं। हम जब पूरी तैयारी करके आए हैं तो आप भाग रहे हैं। दो दिन बचे हैं। दो दिन का नुकसान मत कराइए। इसे हम छात्रों के नाम समर्पित करेंगे और पूरी चर्चा करेंगे।''
पीठासीन सभापति ने आसन के करीब पहुंचकर शोरगुल कर रहे विपक्षी सदस्यों से कहा, ''आप अपने-अपने स्थान पर चले जाइए, मैं चर्चा कराने को तैयार हूं।''
हंगामा नहीं थमने पर सदन की कार्यवाही तीन बजकर 15 मिनट पर दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 13 अगस्त को इसका अंतिम कार्यदिवस है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई समेत विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण पूरे सत्र में सदन में गतिरोध बना रहा और अब तक एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चले हैं।
निचले सदन ने पिछले कुछ दिनों में हंगामे के बीच ही कुछ विधेयकों को ध्वनिमत से मंजूरी दी है।
भाषा
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