भाजपा और आरएसएस संविधान को बदलना और नष्ट करना चाहते हैं: राहुल गांधी
संजीव संतोष
- 29 Apr 2024, 08:44 PM
- Updated: 08:44 PM
बिलासपुर, 29 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे संविधान को बदलना और नष्ट करना चाहते हैं, लेकिन लोग इससे अवगत हैं।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सकरी गांव में एक रैली को संबोधित करने के दौरान गांधी ने 'संविधान' को हाथ में लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी क्या दुनिया की कोई भी ताकत इसे न तो रद्द कर सकती है और न ही इसे फाड़ सकती है।
गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव साधारण चुनाव नहीं है। एक तरफ कांग्रेस पार्टी, इंडिया गठबंधन और दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के लोग हैं।
उन्होंने संविधान की पुस्तक को दिखाते हुए कहा, ''यह चुनाव संविधान को बचाने का चुनाव है, संविधान को प्रधानमंत्री जी, भाजपा के नेता और आरएसएस के लोग बदलना और खत्म करना चाहते हैं। एक तरफ वह संविधान को खत्म करने में लगे हैं, दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी इसे बचाने की कोशिश कर रही है।''
गांधी ने कहा कि संविधान सिर्फ एक पुस्तक नहीं है, बल्कि यह इस देश में गरीबों को अधिकार देता है, उनकी रक्षा करता है और उनके भविष्य की देखभाल करता है, लेकिन भाजपा चाहती है कि इसे फाड़ कर फेंक दिया जाए।
कांग्रेस नेता ने इस दौरान भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ''भाजपा के नेता कहते हैं कि संविधान को खत्म कर देंगे। आरक्षण को खत्म कर देंगे। इस संविधान से आरक्षण निकला, वोट निकला, सार्वजनिक क्षेत्र निकला। आपका जो हक है वह सब संविधान की देन है। यदि यह चला गया तब आदिवासी भाइयों का जल, जंगल, जमीन और जीने का तरीका चला जाएगा।''
गांधी ने कहा, ‘‘वो (भाजपा) कहते हैं कि हम आरक्षण के खिलाफ नहीं है। लेकिन जब वो किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम का निजीकरण करते हैं तब आरक्षण खत्म करते हैं। ठेकेदारी प्रथा लागू करते हैं तब यह आरक्षण को खत्म करते हैं। जब यह ‘अग्निवीर’ जैसी योजना लाते हैं तो यह आरक्षण को खत्म करते हैं।''
उन्होंने कहा कि वह भाजपा के नेताओं को चुनौती देते हैं कि वह कहें कि वह किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई का निजीकरण नहीं करेंगे, वह कहें कि ठेकेदारी प्रथा को बंद कर देंगे।
गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा की विचारधारा महात्मा गांधी, नेहरू या आंबेडकर की विचारधारा नहीं है, बल्कि उनकी विचारधारा अडानी और अंबानी जैसे चुनिंदा लोगों का समर्थन करने की है।
उन्होंने कहा कि अब देश के लोग समझ गए हैं कि भाजपा और मोदी संविधान को नष्ट करने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र, संविधान और गरीबों के अधिकारों को बचाने का चुनाव बन गया है।
कांग्रेस के चुनावी वादों पर प्रकाश डालते हुए गांधी ने कहा कि ‘इंडिया’ के सत्ता में आने के बाद 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा हटा दी जाएगी।
गांधी ने पूछा कि पहले मोदी जी कह रहे थे 400 पार, पर क्या वह अब भी यह कह रहे हैं?''
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अब चुनाव में देश के प्रत्येक दलित, पिछड़े, आदिवासी को समझ में आ गया है कि भाजपा संविधान को खत्म करना चाहती है।
उन्होंने कहा, ''इस चुनाव में सारे लोगों को पता लग गया है कि लोकतंत्र पर, आरक्षण पर, पब्लिक सेक्टर पर आक्रमण हो रहा है। अब यह चुनाव लोकतंत्र, आरक्षण, संविधान और गरीबों के अधिकार को बचाने का चुनाव हो गया है। यही कारण है कि अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अबकी बार चार सौ पार नहीं बोल रहे हैं।''
गांधी ने कहा, ‘‘अब (भाजपा नेताओं के) बयान आ रहे हैं कि हम संविधान के खिलाफ नहीं है, हम आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, हम लोकतंत्र के खिलाफ नहीं है, क्योंकि उनको मालूम हो गया है कि देश की जनता को असली बात का पता चल गया है।''
उन्होंने कहा कि मोदी जी को छोड़ दीजिए, दुनिया में कोई शक्ति पैदा नहीं हुई है जो संविधान को रद्द कर सके, इसे फाड़कर फेंक सके।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत के एक प्रतिशत लोग देश की 40 प्रतिशत संपत्ति पर नियंत्रण रखते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।
गांधी ने कहा, ''उन्होंने 22 लोगों को 16 लाख करोड़ रुपये दिए, जिसका मतलब है कि उन्होंने 22 लोगों को मनरेगा (मजदूरी) के 24 साल का पैसा सौंप दिया… 22 लोगों के पास 70 करोड़ भारतीयों के बराबर संपत्ति है। भारत के एक प्रतिशत लोगों का देश की 40 प्रतिशत संपत्ति पर नियंत्रण है, यह नरेंद्र मोदी जी की देन है।''
राहुल गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन केंद्र में सत्ता में आता है, तो वह देश में गरीब परिवारों की एक सूची बनाएगा और महालक्ष्मी योजना के तहत ऐसे प्रत्येक परिवार की एक महिला के खाते में सालाना एक लाख रुपये भेजे जाएंगे।
गांधी ने कहा कि मोदी जी ने देश के युवाओं को परेशान किया है और बेरोजगारी दर 45 साल के उच्चतम स्तर पर है।
उन्होंने कहा, ''सत्ता में आने पर हम युवाओं को प्रशिक्षुता (अप्रेंटिसशिप)का अधिकार देंगे। भारत के सभी शिक्षित युवाओं को सरकारी या निजी कंपनियों में एक साल की अप्रेंटिसशिप मिलेगी और उनके खाते में वार्षिक वजीफा के रूप में एक लाख रुपये भेजे जाएंगे।यह योजना मोदी जी द्वारा बनाई गई बेरोजगारी की दीवार को तोड़ देगी।''
गांधी ने कहा कि जब वह महालक्ष्मी और प्रशिक्षण योजनाओं के बारे में बात करते हैं, तो मीडिया इसे नहीं दिखाता। उन्होंने कहा कि मीडिया अरबपतियों के बारे में बात करता है, वह 24 घंटे उनकी शादियां दिखाएंगे लेकिन भूख से लड़ते किसान टेलीविजन पर नजर नहीं आते।
गांधी ने कहा कि ‘इंडिया’ के सत्ता में आने पर कृषि ऋण माफ कर दिया जाएगा और कृषि उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाएगी।
उन्होंने पार्टी प्रत्याशी देवेन्द्र यादव के पक्ष में वोट मांगते हुए दोहराया कि यह चुनाव आरक्षण, संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए है।
बिलासपुर राज्य के उन सात लोकसभा सीट में से एक है जहां सात मई को मतदान होगा।
भाषा संजीव