मांग बढ़ने से अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में सुधार
रमण
- 04 May 2026, 08:10 PM
- Updated: 08:10 PM
नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) मांग बढ़ने के कारण सोमवार को अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया और सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम मजबूत रहे। ऊंचे दाम के कारण लिवाली कमजोर रहने से मूंगफली तेल-तिलहन तथा आयातकों द्वारा लागत से नीचे दाम पर बिकवाली के बीच सोयाबीन तेल के दाम स्थिर रहे।
शिकागो एक्सचेंज में सुधार है जबकि मलेशिया एक्सचेंज लगभग एक प्रतिशत मजबूत है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि किसानों के रोक-रोक कर आवक लाने और मांग बढ़ने के कारण सरसों तेल-तिलहन में सुधार आया। किसान अब सट्टेबाजों द्वारा अलग अलग मंचों से दिये जाने वाले, वास्तविकता से परे अनुमानों पर, यकीन नहीं कर रहे। किसान रोक-रोक कर अपनी फसल मंडियों में ला रहे हैं। दूसरा, आयातित तेलों से सस्ता होने की वजह से भी सरसों तेल-तिलहन की मांग है।
उन्होंने कहा कि सोयाबीन के तेल रहित खल (डी-आयल्ड केक या डीओसी) की घरेलू मांग बेहतर होने से सोयाबीन तिलहन के दाम में सुधार है। जबकि आयातकों द्वारा आयात की लागत से नीचे दाम पर बिकवाली के बीच सोयाबीन तेल के दाम स्थिर रहे। डीओसी के बेहतर मांग को देखते हुए इस बार सोयाबीन की बिजाई अच्छी रहने की संभावना है।
सूत्रों ने कहा कि देश में सूरजमुखी तेल के दाम ऊंचे हैं और बिनौला तेल की उपलब्धता कम है। इस स्थिति में पाम-पामोलीन तेल की मांग निरंतर बढ़ रही है। गर्मी के मौसम में इसकी औद्योगिक मांग भी मजबूत हुई है। पाम-पामोलीन की मांग को सोयाबीन से पूरा करना भी मुश्किल है। इन वजहों से पाम-पामोलीन तेल के दाम में सुधार है।
उन्होंने कहा कि उपलब्धता कम होने के साथ मांग होने के कारण बिनौला तेल के दाम में भी सुधार है। हरियाणा और पंजाब में बेहतर गुणवत्ता वाले कपास नरमा (जिससे बिनौला निकाला जाता है) का भाव 8,125 रुपये क्विंटल के अपने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक यानी लगभग 8,600 रुपये क्विंटल हो चला है। इस बार कपास की अच्छी बुवाई की भी उम्मीद की जा सकती है।
सूत्रों ने कहा कि ऊंचे दाम के कारण कमजोर लिवाली के बीच मूंगफली तेल-तिलहन तथा आयातकों द्वारा लागत से नीचे दाम पर बिकवाली के बीच सोयाबीन तेल के दाम स्थिर बने रहे।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,050-7,075 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,650-7,125 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,750 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,500-2,800 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 14,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,425-2,525 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,425-2,570 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,850 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 13,750 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,600 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 14,450 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 6,575-6,625 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 6,225-6,300 रुपये प्रति क्विंटल।
भाषा राजेश राजेश रमण
रमण
0405 2010 दिल्ली