बाबसाहेब आंबेडकर का अपमान छोटी भूल नहीं: राजनाथ
सुरेश माधव
- 02 Jul 2025, 10:25 PM
- Updated: 10:25 PM
पटना, दो जुलाई (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद द्वारा बाबासाहेब आंबेडकर का ‘अपमान’ किया जाना ‘कोई छोटी गलती’ नहीं है और यह ‘दलितों के प्रति अनादर की मानसिकता’ को दर्शाता है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष ने यह टिप्पणी पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में की। यह बैठक बिहार में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले आयोजित की जा रही है।
सिंह ने दावा किया, ‘‘लालू प्रसाद ने अपने पैरों के पास बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर रखवाई थी। यह कोई छोटी गलती नहीं थी, बल्कि (यह) दलितों के प्रति अनादर की मानसिकता को दर्शाती है... बिहार को उन लोगों ने धोखा दिया है, जो समाजवाद की आड़ में अपने सामंती रवैये को छिपाते रहे हैं।’’
पूर्व मुख्यमंत्री प्रसाद उस वीडियो क्लिप को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं, जिसमें आंबेडकर की तस्वीर उनके पैरों के पास देखी गई थी। यह उस दिन की घटना है जब लोग राजद प्रमुख को 78वें जन्मदिन पर बधाई देने उनके आवास पर आए थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले महीने सीवान जिले में एक रैली में राजद सुप्रीमो पर निशाना साधते हुए कहा था कि उन्हें ‘‘बिहार और देश के लोग कभी माफ नहीं करेंगे’’। हालांकि राजद ने स्पष्टीकरण दिया था कि तस्वीर एक समर्थक के हाथ में थी और भ्रम की स्थिति के लिए ‘कैमरे के कोण’ को जिम्मेदार ठहराया था।
भाजपा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में प्रसाद के व्यवहार की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया। यह ‘‘निंदा प्रस्ताव’’ राज्य के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री जनक राम ने पेश किया।
सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि एक घंटे से अधिक लंबा भाषण दिया। उन्होंने प्रसाद पर ‘‘कर्पूरी ठाकुर का शिष्य होने का दावा करने’’ लेकिन निजी तौर पर उनके (ठाकुर के) खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करके अपनी दोहरी मानसिकता प्रदर्शित करने का आरोप लगाया।
रक्षा मंत्री ने दावा किया, ‘‘मैं इसे मुद्दा नहीं बना रहा हूं, (बल्कि) इसका उल्लेख वरिष्ठ पत्रकार संकर्षण ठाकुर ने अपनी पुस्तक 'ब्रदर्स बिहारी' में विस्तार से किया है।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘जब लालू प्रसाद सत्ता में थे, तो उन्होंने कर्पूरी ठाकुर की याद में कुछ भी करने की जहमत नहीं उठाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के इस महान सपूत को भारत रत्न से सम्मानित किया।’’
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘हम अतीत के बारे में बात करते रहते हैं ताकि युवा पीढ़ी राजद-कांग्रेस गठबंधन की बकवास बातों में न फंस जाए। उन्हें (युवाओं को) यह बताने की जरूरत है कि कैसे लालटेन (राजद का चुनाव चिह्न) ने अंधेरे को दूर करने के बजाय घरों में आग लगा दी।’’
उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ दशकों में जब भी राज्य में जद (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार रही, तब बिहार ने ‘‘अभूतपूर्व सफलता’’ हासिल की है।
सिंह ने कहा, ‘‘इस अवधि में न केवल आर्थिक विकास हुआ, बल्कि बिहार ने अपना खोया हुआ गौरव भी हासिल करना शुरू कर दिया। अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'द इकोनॉमिस्ट' ने कभी बिहार को भारत का अभिशाप कहा था, लेकिन बाद में इसकी (राज्य की) बदलाव की कहानी पर ध्यान देना पड़ा।’’
उन्होंने यह भी कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के लिए हाल ही में चीन की यात्रा के दौरान, यह स्वीकार किया गया कि ‘‘बिहार दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु है’’।
सिंह ने कहा, ‘‘बैठक स्थल की पृष्ठभूमि में नालंदा में शिक्षा के प्राचीन केंद्र की छवि थी। मैंने अपने चीनी समकक्ष को एक मधुबनी पेंटिंग भी भेंट की, जिनसे मैंने द्विपक्षीय वार्ता के लिए मुलाकात की थी।’’
भाषा सुरेश