फडणवीस ने कोचिंग क्लास में छेड़छाड़ के मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की
राजकुमार नरेश
- 01 Jul 2025, 08:04 PM
- Updated: 08:04 PM
मुंबई, एक जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बीड में एक कोचिंग क्लास में नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न की घटना की जांच के लिए मंगलवार को एक वरिष्ठ महिला अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की घोषणा की।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के विधायक चेतन तुपे ने विधानसभा में व्यवस्था के प्रश्न के तहत यह मुद्दा उठाया।
तुपे ने कहा कि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है लेकिन उन्हें केवल तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति आरोपी को बचा रहा है, उसे बेनकाब किया जाना चाहिए।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘आरोपी को कौन बचा रहा है?’’
फडणवीस ने कहा कि आरोपी को बचाने की कोशिश करने वाले भी बख्शे नहीं जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘एसआईटी समयबद्ध तरीके से मामले की जांच करेगी और दोषियों को दंडित किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि जांच दल का नेतृत्व एक महिला अधिकारी करेंगी।
बीड में शिवाजीनगर पुलिस ने एक कोचिंग सेंटर के दो शिक्षकों पर 30 जुलाई, 2024 से 25 मई, 2025 तक 17 वर्षीय एक छात्रा से कथित रूप से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है।
किशोरी की शिकायत के अनुसार, दोनों शिक्षक उसे कोचिंग सेंटर के कार्यालय में बुलाते थे, कपड़े उतारने के लिए मजबूर करते थे और उसके साथ अश्लील हरकतें करते थे।
इस मामले ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राकांपा विधायक धनंजय मुंडे ने सोमवार को आरोप लगाया कि मामले में गिरफ्तार किए गए दो लोगों में से एक का संबंध राकांपा (एसपी) विधायक संदीप क्षीरसागर से है। हालांकि, विधायक क्षीरसागर ने आरोपों से इनकार किया है।
मंगलवार को मुंडे ने मीडिया से कहा कि उन्हें पहले भी ऐसे मामलों में ‘मीडिया ट्रायल’ का सामना करना पड़ा है, जबकि वह उनमें शामिल नहीं थे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं 25 साल से सार्वजनिक जीवन में हूं। सच्चाई समय के साथ सामने आएगी। लोगों को बस इंतजार करने की जरूरत है।’’
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीड से राकांपा (एसपी) विधायक और मुंडे के जाने-माने आलोचक क्षीरसागर ने कहा कि मामले से पारदर्शी तरीके से निपटा जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार बीड के प्रभारी मंत्री हैं, इसलिए पीड़िता ने थाने से संपर्क किया और तुरंत शिकायत दर्ज की गई। पुलिस ने सभी आवश्यक सीसीटीवी फुटेज एकत्र कर लिए हैं। जांच से तथ्य सामने आएंगे।’’
क्षीरसागर ने दावा किया कि अगर मुंडे प्रभारी मंत्री होते, तो लड़की की शिकायत इतनी आसानी से दर्ज नहीं की जाती।
जब क्षीरसागर से पूछा गया कि मुंडे ने उन्हें उत्पीड़न मामले के आरोपियों से जोड़ा है, तो उन्होंने प्रतिप्रश्न किया,‘‘जब मैंने सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड में चिंता जताई, तो मुंडे परेशान हो गए। मेरा मानना है कि वह अब भी कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा देने से उबर नहीं पाए हैं। वह अब सार्वजनिक जीवन के प्रति मेरी प्रतिबद्धता और लोगों के प्रति मेरी चिंता पर सवाल उठाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन क्या उन्होंने कभी देशमुख के परिवार से मुलाकात की है, जिनका अपहरण किया गया, प्रताड़ित किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गयी थी।’’
भाषा राजकुमार