योगी मंत्रिमंडल में शामिल हुए चार नए मंत्रियों को विभागों का आवंटन किया
अभिनव आनन्द खारी
- 12 Mar 2024, 08:56 PM
- Updated: 08:56 PM
लखनऊ, 12 मार्च (भाषा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल में चार नए मंत्रियों को शामिल करने के एक हफ्ते बाद मंगलवार को उन्हें विभाग आवंटित कर दिए।
सूचना निदेशक शिशिर ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हुए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण, हज और मुस्लिम वक्फ विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। दारा सिंह चौहान को जेल विभाग दिया गया है।
उन्होंने बताया कि भाजपा विधायक सुनील शर्मा को सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स और राजग के घटक राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के कोटे से मंत्री बने अनिल कुमार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग मिला है।
विभागों के बंटवारे में स्वतंत्र प्रभार के मंत्री धर्मवीर प्रजापति के पास से जेल विभाग हटाकर दारा सिंह चौहान को दिया गया है और अब प्रजापति के पास नागरिक सुरक्षा विभाग का दायित्व रहेगा।
इन सभी को पांच मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंत्री पद की शपथ दिलाई थी।
राजग के घटक दल सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर गाजीपुर जिले के जहूराबाद से विधायक हैं, वहीं रालोद के अनिल कुमार पुरकाजी से विधायक हैं।
दारा सिंह चौहान भाजपा के विधान परिषद सदस्य हैं और सुनील शर्मा गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद से विधायक हैं और 2022 के चुनाव में उप्र में सर्वाधिक मतों के अंतर से जीतने वाले विधायक हैं।
योगी आदित्यनाथ ने 2022 में मुख्यमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल के लिए पदभार संभाला था। उनके नेतृत्व वाले वर्तमान मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 22 कैबिनेट मंत्री हैं तथा 14 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 20 राज्य मंत्री हैं। मंत्रिपरिषद में फिलहाल अधिकतम 60 मंत्रियों की सीमा के भीतर 56 सदस्य हैं।
राजभर और चौहान अति पिछड़ा वर्ग, अनिल कुमार अनुसूचित जाति और सुनील शर्मा ब्राह्मण समाज से आते हैं।
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद 16 जुलाई 2023 को राजग में अपनी वापसी की घोषणा की थी।
राजभर ने 2017 में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था लेकिन बाद में उनके रिश्ते खराब हो गये और उन्होंने योगी सरकार से इस्तीफा दे दिया था। राजभर ने 2022 में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और पिछले वर्ष सपा से गठबंधन तोड़कर पुन: राजग का हिस्सा बन गये।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली पहली सरकार में वन मंत्री रहे दारा सिंह चौहान ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले मंत्री पद और भाजपा से इस्तीफा देकर सपा का दामन थाम लिया था और 2022 में वह मऊ जिले की घोसी से विधानसभा सदस्य चुने गये थे। बाद में वह सपा और विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में लौट आये। घोसी उपचुनाव चौहान के इस्तीफे के कारण आवश्यक हो गया था।
सितंबर 2023 में घोसी उपचुनाव में दारा सिंह चौहान सपा के सुधाकर सिंह से 42,759 मतों के अंतर से हार गए थे और इसके बाद भाजपा ने उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया। घोसी पहले वह मधुबन विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे।
भाषा अभिनव आनन्द