असम की बराक घाटी जाने वाली रेलसेवा बहाल : रेलवे
जितेंद्र सुरेश
- 26 Apr 2024, 08:51 PM
- Updated: 08:51 PM
गुवाहाटी, 26 अप्रैल (भाषा) असम की बराक घाटी जाने वाली ट्रेन सेवा शुक्रवार अपराह्न को बहाल कर दी गयी। एक दिन पहले एक ट्रेन का इंजन पटरी से उतर गया था, जिस कारण करीब 500 यात्री बीच रास्ते में फंस गये थे। इनमें से बहुत से लोग दूसरे चरण के मतदान के लिए जा रहे थे।
राजनीतिक दलों ने रेलवे अधिकारियों से प्रभावित खंड पर शीघ्र ट्रेन सेवा बहाल करने और फंसे हुए लोगों के लिए वैकल्पिक परिवहन साधन मुहैया कराने की अपील की थी। बराक घाटी के सिलचर और कमरीनगंज क्षेत्रों में मतदान हो रहा था।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के मुख्य प्रवक्ता सब्यसाची डे ने यहां बताया कि लामडिंग मंडल के अंतर्गत जटिंगा लामपुर और न्यू हरंगाजाओ स्टेशनों के बीच एक मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया, जिसके बाद बृहस्पतिवार से कई ट्रेनें रद्द कर दी गयीं, गंतव्य से पहले यात्रा समाप्त कर दी गयी या फिर ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया।
उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में भारी वर्षा के बावजूद एनएफआर महाप्रबंधक सहित वरिष्ठ रेलवे अधिकारी बहाली कार्य की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचे थे।
अधिकारी ने बताया कि बहाली कार्य को जल्द पूरा करने के लिए कुल 300 मजदूरों और 10 मशीनों को काम पर लगाया गया था। डे ने बताया कि खंड पर अपराह्न एक बजकर 50 मिनट पर ट्रेन सेवा बहाल कर दी गयी और तीन बजकर 56 मिनट पर पहली ट्रेन 20502 आनंद विहार से अगरतला 'तेजस राजधानी' यहां से गुजरी।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि फंसे हुए यात्रियों के लिए लामडिंग रेलवे स्टेशन से मुफ्त बसों की व्यवस्था की गई थी। डे ने बताया, ‘‘राज्य अधिकारियों के समन्वय से बसों की व्यवस्था की गई। चुनाव के कारण, गुवाहाटी से बसों की व्यवस्था करनी पड़ी, जिसमें अधिक समय लगा। यात्रियों को मुफ्त भोजन और पानी उपलब्ध कराया गया।’’
सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों ने रेल अधिकारियों से यात्रियों के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने का आग्रह किया था, ताकि वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता कांग्रेस के देबब्रत सैकिया ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ‘‘मैं तत्काल निर्वाचन आयोग से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह करता हूं। ट्रेन रद्द होने से सिलचर और करीमगंज में फंसे मतदाता विशेष व्यवस्था के पात्र हैं। आइए, उनके वोट देने के अधिकार को प्राथमिकता दें और सुनिश्चित करें कि इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में कोई भी पीछे न रहे।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता दीवान ध्रुबा ज्योति मराल ने भी रेलवे अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था कि यात्री समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचें ताकि पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहें।
भाषा जितेंद्र