कांग्रेस ने प्रधानमंत्री और भाजपा पर ध्रुवीकरण के प्रयास का आरोप लगाया
हक हक पवनेश
- 26 Apr 2024, 08:09 PM
- Updated: 08:09 PM
नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा इस लोकसभा चुनाव में हार के डर से परेशान हैं तथा ऐसे में लगातार ध्रुवीकरण का सहारा ले रहे हैं।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि नड्डा ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की टिप्पणियों को गलत संदर्भ में पेश किया है।
नड्डा ने कांग्रेस पर शुक्रवार को आरोप लगाया कि वह मुसलमानों को लाभ पहुंचाने के लिए अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अधिकारों को छीनना चाहती है तथा यह विपक्षी दल का छिपा हुआ एजेंडा है।
नड्डा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 2006 के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुसलमानों का है।
रमेश ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के आरोप झूठ पर आधारित हैं। लगता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हवा उनको लग गई है और झूठ प्रचार नड्डा बन गए हैं।’’
उनका कहना है कि भाजपा अध्यक्ष ने 9 दिसंबर, 2006 को राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में मनमोहन सिंह द्वारा दिए गए भाषण को गलत तरीके से पेश किया है।
रमेश के अनुसार, मनमोहन सिंह ने कहा था, “मेरा मानना है कि हमारी सामूहिक प्राथमिकताएं बहुत स्पष्ट हैं। कृषि, सिंचाई एवं जल संसाधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यकों, महिलाओं एवं बच्चों के उत्थान के लिए कार्यक्रम हमारी प्राथमिकताएं हैं।’’
उनके मुताबिक, तत्कालीन प्रधानमंत्री ने इससे आगे कहा था, ‘‘अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए योजनाओं को नए सिरे से तैयार करने की ज़रूरत है। हमें ये सुनिश्चित करने के लिए नई योजनाएं बनानी होंगी कि अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से मुस्लिमों को विकास में समान भागीदारी मिले। संसाधनों पर पहला हक़ उनका होना चाहिए। केंद्र के पास असंख्य अन्य जिम्मेदारियां हैं जिनकी मांगों को समग्र संसाधन उपलब्धता के अनुरूप बनाना होगा।’’
उन्होंने कहा कि बयान में यह देखा जा सकता है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री का ‘‘संसाधनों पर पहला हक़’’ का संदर्भ ऊपर सूचीबद्ध सभी ‘‘प्राथमिकता’’ वाले क्षेत्रों को संदर्भित करता है, जिनमें एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों के उत्थान के कार्यक्रम शामिल हैं।
रमेश ने दावा किया, ‘‘असली बात है कि भाजपा बौखलाई हुई है। भाजपा दक्षिण भारत में साफ और उत्तर एवं मध्य भारत में हाफ। इसलिए अब उनकी एक ही रणनीति है कि ध्रुवीकरण, ध्रुवीकरण और ध्रुवीकरण।’’
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘धन पुनर्वितरण’ एवं ‘विरासत कर’ संबंधी प्रधानमंत्री मोदी के हालिया बयानों का हवाला देते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मनगढ़ंत कहानियां सुना रहे हैं, झूठ बोल रहे हैं...कम से कम हमारा घोषणापत्र तो पढ़ लेते। हमें दुख होता कि दुनिया में हमारे प्रधानमंत्री का मजाक बनाया जा रहा है।’’
खेड़ा का कहना था, ‘‘एक प्रधानमंत्री का काम समाज को आपस में लड़ाने का नहीं होता। चुनाव आते-जाते रहते हैं.. लेकिन इस बीच देश हार जाए, संविधान हार जाए, सांप्रदायिक सौहार्द हार जाए तो ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी जी ने जिस तरह कांग्रेस के घोषणापत्र का प्रचार कर उसे घर-घर पहुंचाया, उसके लिए उनका दिल से धन्यवाद। हमारे पास इतना पैसा नहीं था कि हम अपने घोषणापत्र का प्रचार कर सकें। मोदी जी जहां भी प्रचार करने जाते हैं, कांग्रेस की सीटें बढ़ा देते हैं, हमें उम्मीद है आने वाले 5 चरणों में भी आप ऐसा ही करेंगे।’’
उन्होंने लोकसभा के दूसरे चरण के मतदान का हवाला देते हुए दावा किया कि कांग्रेस को इस चरण में भी जनता का भरपूर समर्थन मिला है तथा राहुल गांधी वायनाड से रिकॉर्ड मतों से जीतने जा रहे हैं।
खेड़ा ने कहा, ‘‘आज जिन सीटों पर मतदान हुआ है उनमें वायनाड काफी महत्वपूर्ण सीट है। वहां से हमारे जनप्रिय नेता राहुल गांधी जी चुनाव लड़ रहे हैं, पिछली बार वह चार लाख से अधिक वोटों से जीते थे। इस बार जीत के सारे रिकॉर्ड टूटने वाले हैं, ये हम दावे के साथ कह रहे हैं।’’
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