तृणमूल विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर की तुलना ‘भाजपा के युद्धोन्माद’ से की, पार्टी ने किया किनारा
धीरज सुरेश
- 06 Jun 2025, 09:44 PM
- Updated: 09:44 PM
कोलकाता, छह जून (भाषा) पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस विधायक नरेन्द्रनाथ चक्रवर्ती ने कथित तौर पर यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया है कि ऑपरेशन सिंदूर ‘‘भाजपा द्वारा शुरू किए गए युद्धोन्माद के खेल के अलावा कुछ नहीं है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिलाओं सहित देशभक्त लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले की पंडाबेश्वर सीट से विधायक चक्रवर्ती के खिलाफ उनकी टिप्पणी के लिए प्राथमिकी दर्ज कराई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि तृणमूल विधायक सशस्त्र बलों के शौर्य को कमतर करने की कोशिश कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मांग की कि तृणमूल विधायक की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच करानी चाहिए, ताकि पता लगाया जा सके कि उनके राष्ट्र-विरोधी ताकतों से तो संबंध नहीं हैं।
तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने हालांकि चक्रवर्ती की टिप्पणी को उनकी निजी राय करार दिया है और कहा कि पार्टी ऐसी किसी टिप्पणी का समर्थन नहीं करती।
सोशल मीडिया पर शुक्रवार को एक वीडियो क्लिप प्रसारित हुआ जिसमें चक्रवर्ती श्रोताओं से कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, ‘‘जिस तरह से उन्होंने (भाजपा ने) यह सिंदूर खेला शुरू किया है, उससे लगता है कि पूरा प्रकरण एक नाटक है। भाजपा द्वारा किया जा रहा यह युद्धोन्माद एक खेल के अलावा और कुछ नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर में प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं सहित देशभक्त लोगों की भावनाओं के साथ खेला है।’’
‘पीटीआई-भाषा’ इस वीडियो की प्रमाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता।
चक्रवर्ती ने हालांकि दावा किया कि उनकी टिप्पणी को ‘‘राजनीतिक मकसद से तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और गलत व्याख्या की गई’’।
तृणमूल विधायक ने कहा कि उनके मन में भारतीय सेना और पाकिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ उसके अभियान के प्रति अगाध सम्मान है।
भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के एक नेता ने चक्रवर्ती के खिलाफ कुल्टी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
भाजपा ने शिकायत में तृणमूल विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए दावा किया कि उन्होंने ‘‘सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान को कमतर करने वाला तथा भारत को अस्थिर करने के लिए पाकिस्तान प्रायोजित ताकतों को प्रोत्साहित करने वाला राष्ट्र-विरोधी बयान दिया है।’’
शुभेंदु अधिकारी ने मांग की कि ‘‘एनआईए जांच से यह पता लगाया जाए कि क्या चक्रवर्ती का देश के खिलाफ काम करने वाली ताकतों से कोई संबंध है।’’
केंद्रीय मंत्री और भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि चक्रवर्ती जैसे तृणमूल नेता अल्पसंख्यक वोट बैंक को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘धर्म से ऊपर उठकर सभी देशभक्त भारतीय, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में देश और सशस्त्र बलों और ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन कर रहे हैं।’’
चक्रवर्ती ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भारतीय सेना सहित हमारे सुरक्षा बलों के प्रति मेरे मन में अगाध सम्मान है। मेरे भाषण के कुछ हिस्से को मुझे और मेरी पार्टी को नीचा दिखाने के गुप्त राजनीतिक मंशा से प्रसारित और तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।’’
तृणमूल विधायक ने कहा, ‘‘इस देश के नागरिक के रूप में, मैंने हमेशा पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद का विरोध किया है और जिस तरह से हमारी सेना हमारी सीमाओं की रक्षा करती है, उसका समर्थन किया है।’’
भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘चक्रवर्ती की टिप्पणी निजी है और हमारी पार्टी ऐसी किसी टिप्पणी का समर्थन नहीं करती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी अध्यक्ष ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पहले ही आतंक के खिलाफ पार्टी का रुख स्पष्ट कर चुके हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे सशस्त्र बलों का खुलकर समर्थन किया है। हम सभी इस मुद्दे पर एकजुट हैं।’’
ऑपरेशन सिंदूर, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकी शिविरों पर भारत की जवाबी कार्रवाई थी। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।
भाषा धीरज