राहत वितरण केंद्र की तरफ बढ़ रहे 27 लोगों की इजराइली सेना ने हत्या कर दी: फलस्तीनी अधिकारी
एपी संतोष माधव
- 03 Jun 2025, 05:53 PM
- Updated: 05:53 PM
खान यूनिस (गाजा पट्टी), तीन जून (एपी) फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि इजराइली सेना ने मंगलवार को एक राहत वितरण केंद्र की तरफ बढ़ रहे लोगों पर गोलीबारी करके कम से कम 27 लोगों की हत्या कर दी। यह तीन दिन में इस तरह की तीसरी घटना है।
लेकिन इजराइली सेना ने कहा कि उसने ‘कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के पास’ गोलीबारी की जो निर्धारित मार्ग से हटकर सेना की ओर बढ़े थे और उन्होंने इस दौरान दी गई चेतावनी की अनदेखी की थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोलीबारी उसी जगह पर हुई जहां एक दिन पहले इजराइली सुरक्षा बलों ने भीड़ पर गोली चलाई थी। ये भीड़ दक्षिणी गाजा में उस सहायता केंद्र की ओर जा रही थी, जिसे इजराइल और अमेरिका समर्थित ‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन’ संचालित कर रहा है।
इजराइली सेना ने कहा कि उसने सोमवार को ‘‘कई संदिग्धों की ओर चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाईं, जो सैनिकों की ओर बढ़ रहे थे और उनके लिए खतरा पैदा कर रहे थे।’’ घटना स्थल सहायता वितरण केंद्र से करीब एक किलोमीटर दूर है। घटना तब हुई तब यह केंद्र बंद था।
सेना ने इस बात से इनकार किया कि वह लोगों को सहायता वितरण स्थल पर पहुंचने से रोक रही है।
इजराइल और अमेरिका समर्थित फाउंडेशन के इजराइली सैन्य क्षेत्रों के अंदर राहत वितरण केंद्र स्थापित करने के बाद गोलीबारी की यह घटना हुई है। इजराइल के मुताबिक राहत वितरण केंद्र एक प्रणाली का हिस्सा है जिसे हमास को दरकिनार करने के लिए डिजाइन किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र ने नयी प्रणाली को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि यह गाजा के बढ़ते भूख संकट का समाधान नहीं करती है और इजराइल को राहत-सहायता को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति देती है।
इजराइली सेना ने कहा कि वह मंगलवार को हताहत हुए लोगों से जुड़ी खबर की पड़ताल कर रही है। इजराइली सेना ने पहले कहा था कि उसने रविवार और सोमवार की सुबह अपने बलों के पास आने वाले संदिग्धों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने 34 लोगों के मारे जाने की बात कही थी।
‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन’, जो इन केंद्रों का संचालन करता है, का कहना है कि इन केंद्रों पर या इनके आस-पास कोई हिंसा नहीं हुई है। इसने मंगलवार को कहा कि इजराइली सेना इस बात की जांच कर रही है कि क्या नागरिक ‘निर्दिष्ट सुरक्षित गलियारे से आगे बढ़कर बंद सैन्य क्षेत्र में जाने के बाद’ घायल हुए हैं।
गोलीबारी की घटनाएं अब करीब निर्जन हो चुके दक्षिणी शहर रफह में स्थित एक राहत वितरण केंद्र से लगभग एक किलोमीटर (1,000 गज) की दूरी पर हुईं। यह पूरा इलाका एक इजराइली सैन्य क्षेत्र के अंतर्गत आता है जहां पत्रकारों के लिए सेना द्वारा निर्धारित सीमा से आगे पहुंचना वर्जित है।
रफा से विस्थापित 50 वर्षीय यासर अबू लुब्दा ने कहा कि गोलीबारी मंगलवार सुबह चार बजे शुरू हुई और उन्होंने कई लोगों को मरते या घायल होते देखा। खान यूनिस की एक महिला नीमा अल-आरज ने कहा कि इजराइल की ओर से ‘अंधाधुंध’ गोलीबारी की गई।
उन्होंने कहा कि जब वह वितरण स्थल तक पहुंचने में कामयाब रहीं तो वहां कोई राहत सामग्री नहीं बची थी। उन्होंने कहा, ‘‘शहीदों और घायलों के बाद, मैं लौटकर नहीं जाऊंगी। किसी भी तरह हम मर जाएंगे।’’
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी रशा अल-नहल ने कहा, ‘‘हर तरफ से गोलीबारी हो रही थी।’’ इस महिला ने कहा कि उसने सड़क पर एक दर्जन से अधिक लोगों को मृत और कई लोगों को घायल देखा। जब वह वितरण स्थल पर पहुंची, तो उसने पाया कि वहां कोई राहत सामग्री नहीं बची थी।
रशा अल-नहल ने कहा, ‘‘हम इससे निपटने के बजाय मरना पसंद करेंगे। हमारे साथ जो हो रहा है, उसकी तुलना में मृत्यु अधिक सम्मानजनक है।’’ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के एक अधिकारी ने गोलीबारी की निंदा की है।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अभिलेख विभाग के प्रमुख जहीर अल-वहीदी के अनुसार, मंगलवार की सुबह कम से कम 27 लोग मारे गए। रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति के प्रवक्ता हिशाम महन्ना ने कहा कि रफह में उनके फील्ड अस्पताल में 184 घायल लोग आए, जिनमें से 19 को मृत घोषित कर दिया गया और आठ घायलों की बाद में मृत्यु हो गई। इन 27 मृतकों के शवों को खान यूनिस शहर के नासिर अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइल के सैन्य अभियान में 54,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं।
इजराइल का कहना है कि उसने करीब 20,000 आतंकवादियों को मार गिराया है, लेकिन उसने कोई सबूत नहीं दिया है। सात अक्टूबर के हमले के बाद से करीब 860 इजराइली सैनिक मारे गए हैं, जिनमें से 400 से ज्यादा गाजा के अंदर लड़ाई के दौरान मारे गए।
एपी संतोष