सीएए लागू किये जाने पर हिंदू-सिख शरणार्थियों में खुशी का माहौल
जितेंद्र अविनाश
- 12 Mar 2024, 09:07 PM
- Updated: 09:07 PM
नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) करीब तीन दशक पहले युद्घग्रस्त अफगानिस्तान से भाग कर भारत में शरण लेने वाले प्यारा सिंह संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) लागू किये जाने पर काफी खुश हैं। देश के नागरिक के रूप में पहचान पाने की उम्मीद कर रहे सिंह अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहते हैं कि उन्हें लगता है कि उनका पुनर्जन्म हुआ है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने मंगलवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें अफगानिस्तान से भारत आए सिख शरणार्थियों और पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाए, मिलकर पटाखे जलाए और ढोलों की थाप पर नाचते हुए होली खेली।
सिंह भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
सिंह ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मैं अपना जन्मदिन मना रहा हूं। आज मानो मेरे जीवन का एक नया अध्याय शुरू हो गया। मैं भारत के नागरिक के रूप में अपनी पहचान पाने के बहुत करीब पहुंच गया हूं, जो तीन दशकों से अधिक समय से मेरा घर रहा है।''
सिंह ने अपनी दास्तां सुनाते हुए कहा कि वह अपनी जान बचाने के लिए 1989 में अफगानिस्तान से भारत आ गये लेकिन उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी और न ही नयी जिंदगी शुरू करने के लिए पैसे।
फिलहाल तिलक नगर में रह रहे सिंह ने कहा, '' किसी भी इंसान के लिए पहचान सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण चीज है लेकिन हमारे पास वही नहीं थी। हम घर नहीं खरीद सकते थे और लोग हमें अपना घर किराए पर भी नहीं देते थे।''
सिंह, करोल बाग में मोबाइल फोन से संबंधित वस्तुओं की एक छोटी सी दुकान चलाते हैं।
उन्होंने कहा, ''मैं अब आजाद महसूस कर रहा हूं और भारत की नागरिकता मिलने के बाद पासपोर्ट व पहचान पत्र भी बनवा सकता हूं और कहीं भी यात्रा कर सकता हूं, जो अब तक असंभव था।''
दशकों से भारत में रह रहे कई अन्य शरणार्थियों ने भी सीएए लागू करने के फैसले पर मोदी सरकार को धन्यवाद देते खुशी जाहिर की और राहत की सांस ली।
शरणार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित करते हुए भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को एक पत्र सौंपा।
सचदेवा ने शरणार्थियों और भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ जश्न में शामिल होते हुए कहा, ''इस वर्ष की होली दूसरे वर्षों के मुकाबले अलग है।''
पाकिस्तान से आये सैकड़ों हिंदू शरणार्थी उत्तरी दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में एक अस्थायी बस्ती में रहते हैं। मजनू का टीला में रहने वाले पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी मंजू राम ने कहा, ''हमारा इंतजार खत्म हो गया है।''
उन्होंने कहा, ''मोदी सरकार ने वही किया, जिसका उन्होंने वादा किया था। अब हम हर चीज का हिस्सा बन सकते हैं, संपत्ति खरीद सकते हैं और चुनाव में वोट भी कर सकते हैं।''
गोविंद राम ने कहा, ''हम पिछले चार दशकों से दिल से भारतीय हैं और अब नरेन्द्र मोदी की बदौलत हम देश के कानूनी नागरिक होंगे।''
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, ''मैं इन लोगों का दर्द समझता हूं क्योंकि मेरे माता-पिता ने 1947 का विभाजन देखा था।''
भाषा जितेंद्र