एशियाई एथलेटिक्स: गुलवीर, पूजा, नंदिनी ने जीते स्वर्ण पदक
मोना
- 30 May 2025, 07:50 PM
- Updated: 07:50 PM
गुमी (दक्षिण कोरिया), 30 मई (भाषा) लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने एक दशक पुराना मीट रिकॉर्ड तोड़ा, ऊंची कूद में पूजा सिंह ने अपना सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन किया जबकि हेप्टाथलन में नंदिनी अगासरा ने स्वर्ण जीतकर 26वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के चौथे दिन को भारत के लिए खास बना दिया।
इससे भारत के कुल पदकों की संख्या 18 हो गई है। इसमें आठ स्वर्ण, सात रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। भारत ने 2023 सत्र में 27 पदक जीते थे। उसमें हालांकि स्वर्ण पदकों की संख्या सिर्फ छह थी।
गुलवीर ने 5000 मीटर में बाजी मारकर चैंपियनशिप में अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर लंबी दूरी की दौड़ के भारत के महान खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज करा लिया। उन्होंने इससे पहले 10000 मीटर में भी स्वर्ण जीता था ।
राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी धावक गुलवीर ने 13 मिनट 24.77 सेकेंड का समय निकालकर थाईलैंड के कीरन टुनटिवेट को पीछे छोड़ा जो 13 मिनट 24.97 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहे। जापान के नागिया मोरी ने 13 मिनट 25.06 सेकेंड के साथ कांस्य पदक जीता।
पिछला चैंपियनशिप रिकॉर्ड कतर के मोहम्मद अल-गर्नी के नाम था। अल-गर्नी ने 2015 सत्र में 13 मिनट 34.47 का समय निकाला था।
जीत के बाद उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य दोनों स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल करना था । अब अगला लक्ष्य जापान में सितंबर में विश्व चैम्पियनशिप है ।’’
इससे पहले प्रतियोगिता के शुरुआती दिन 10,000 मीटर स्पर्धा में 28 मिनट 38.63 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता था।
भारत को पूजा ने ऊंची कूद में स्वर्ण पदक के साथ बड़ी सफलता दिलायी। इस 18 साल की खिलाड़ी ने अपने अंतिम से पहले प्रयास में 1.89 मीटर की छलांग के साथ उज्बेकिस्तान की सफीना सादुल्लाएवा (1.86 मीटर) को पछाड़ा।
हरियाणा की इस खिलाड़ी के पिता एक राजमिस्त्री हैं। पूजा ने इससे पहले 2023 में एशियाई अंडर-23 चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।
पूजा ने कहा ,‘‘ मेरे लिये यह अच्छा दिन था कि मैं सीनियर उपमहाद्वीप स्तर पर चैम्पियन में से हूं ।’’
इसके बाद नंदिनी एशियाई चैंपियनशीप में स्वर्ण जीतने वाली केवल तीसरी भारतीय हेप्टाथलीट बन गईं। इससे पहले स्वप्ना बर्मन (2017) और सोमा बिस्वास (2005) ने इस स्पर्धा में शीर्ष स्थान हासिल किये थे। अगासरा ने 5941 अंक जुटाकर शीर्ष स्थान हासिल किया।
वह भाला फेंक में महज 34.18 मीटर की दूरी तय करने के बाद चीन की लियू जिंगी से पिछड़ गयी थी लेकिन उन्होंने 800 मीटर दौड़ को जीतकर मजबूत वापसी की। जिंगी ने 5869 अंकों के साथ रजत पदक जीता।
गुलवीर इस प्रदर्शन के साथ महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पुरुषों की 5000 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों के एलीट समूह में शामिल हो गए । इससे पहले गोपाल सैनी (1981), बहादुर प्रसाद (1993), और जी लक्ष्मणन (2017) ने इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते हैं।
उन्होंने इसके साथ ही लक्ष्मणन की बराबरी की जिन्होंने एक ही सत्र में दोनों खिताब जीते थे।
उत्तर प्रदेश के अतरौली के 26 वर्षीय खिलाड़ी ने 2023 सत्र में भी कांस्य पदक जीता था।
महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में हालांकि भारत को थोड़ी निराशा हुई, जहां गत चैंपियन पारुल चौधरी को रजत से संतोष करना पड़ा।
पारुल ने नौ मिनट 12.46 सेकेंड का समय लिया और कजाकिस्तान की नोरा जेरुतो तनुई (नौ मिनट 10.46 सेकेंड) से पिछड़ गई। कांस्य पदक भी कजाखस्तान की डेजी जेपकेमी (नौ मिनट 27.51 सेकेंड) के खाते में गया।
इससे पहले भारत की चार गुणा 100 मीटर पुरुष रिले टीम प्रारंभिक दौर के दौरान गलत ‘बैटन एक्सचेंज’ के कारण अयोग्य घोषित कर दी गई लेकिन सचिन यादव और यशवीर सिंह ने मौजूदा ओलंपिक चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम के साथ एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के पुरुष भाला फेंक फाइनल में जगह बनाई।
प्रणव प्रमोद गौरव, रागुल कुमार गणेश, मणिकांत होबलीधर और अमलान बोरगोहेन की चौकड़ी को विश्व एथलेटिक्स के तकनीकी नियम 24.7 का उल्लंघन करते हुए ‘टेकओवर’ क्षेत्र के बाहर ‘बैटन एक्सचेंज’ (दूसरे खिलाड़ी को बैटन देना) का दोषी पाए जाने के बाद प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया।
मलेशिया की टीम को भी इसी तरह के उल्लंघन के लिए अयोग्य घोषित किया गया।
भारतीय दल के लिए हालांकि अच्छी खबर यह रही कि सचिन और यशवीर 12 पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए। सचिन ने 79.62 मीटर की दूरी तय करके पांचवां स्थान हासिल किया जबकि यशवीर ने 76.67 मीटर की दूरी तय करके शनिवार के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
नदीम इसमें शीर्ष पर रहे। पिछले साल पेरिस ओलंपिक में 92.97 मीटर से स्वर्ण जीतने के बाद पहली प्रतियोगिता में भाग ले रहे इस खिलाड़ी ने क्वालीफाइंग राउंड में 86.34 मीटर की दूरी हासिल की।
भारतीय खिलाड़ियों से जुड़ी अन्य स्पर्धाओं में महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में स्वर्ण विजेता ज्योति याराजी और नित्या गांधे ने अपनी हीट में क्रमशः 23.74 सेकंड और 23.77 सेकंड का समय लेकर 200 मीटर के फाइनल में प्रवेश किया।
अनिमेष कुजूर ने पुरुषों की 200 मीटर स्पर्धा में अपनी प्रारंभिक दौड़ में 20.98 सेकंड का समय लेकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
भाषा आनन्द मोना