भाजपा कभी किसी सदस्य को खोना नहीं चाहती, लेकिन पार्टी के लिए अनुशासन सर्वोपरि : अग्रवाल
धीरज संतोष
- 28 May 2025, 08:04 PM
- Updated: 08:04 PM
बेंगलुरु, 28 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव राधामोहन दास अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी अपने किसी भी सदस्य को खोना नहीं चाहती, लेकिन उसके लिए अनुशासन सर्वोपरि है।
कर्नाटक में भाजपा ने मंगलवार को अपने दो विधायकों एस टी सोमशेखर और ए शिवराम हेब्बार को कथित ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के लिए छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। सोमशेखर और हेब्बार क्रमशः यशवंतपुर और येल्लापुर विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भाजपा में कर्नाटक मामलों के प्रभारी अग्रवाल ने कहा कि पार्टी ने सोमशेखर, हेब्बार और विजयपुरा के विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल को अपने तौर-तरीके सुधारने के लिए पर्याप्त अवसर दिए, लेकिन उन्होंने अपने रवैये में कोई बदलाव नहीं किया।
अग्रवाल ने कहा कि भाजपा कभी अपने किसी सदस्य को खोना नहीं चाहती, लेकिन पार्टी के लिए अनुशासन सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहे वह व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अनियमितताओं को लेकर अखबार में विज्ञापन प्रकाशित करने को लेकर उनकी पार्टी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र के साथ खुली बहस करने की चुनौती दी।
राज्यसभा सदस्य अग्रवाल ने कहा, ‘‘यदि उनमें (सिद्धरमैया) हिम्मत और विश्वास है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं, तो उन्हें हमारी चुनौती स्वीकार करनी चाहिए। यदि वह इनकार करते हैं तो यह माना जाना चाहिए कि सभी आरोप सत्य हैं, तथ्यों पर आधारित हैं और लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।’’
उन्होंने कुछ सर्वेक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि अगर आज विधानसभा चुनाव हो जाएं तो भाजपा को 150 से 155 सीट मिलेंगी और वह सरकार बनाएगी।
कर्नाटक में 224 विधानसभा सीट हैं।
अग्रवाल ने दावा किया कि यदि कांग्रेस की लोकप्रियता में गिरावट इसी तरह जारी रही तो कर्नाटक में सत्तारूढ़ पार्टी दोहरे अंक में सीट नहीं ला पाएगी।
भाजपा नेता ने दक्षिण कन्नड़ के जिला मुख्यालय शहर मंगलुरु में मंगलवार को अब्दुल रहमान की हत्या और उसके सहकर्मी कलंदर शफी के गंभीर रूप से घायल होने की घटना पर कहा कि यह कांग्रेस की ‘मुस्लिम तुष्टिकरण’ की नीति की वजह से हुआ।
पुलिस ने मामले में दीपक, सुमित और 13 अन्य को संदिग्ध बताया है।
रहमान की हत्या सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील दक्षिण कन्नड़ जिले में एक मई को हिंदू कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या के तुरंत बाद हुई है।
भाषा धीरज