सेलेबी अनुबंध: एमआईएएल के परिचालन सेवा निविदाओं पर जून तक निर्णय लेने पर लगी अदालती रोक
राजकुमार माधव
- 26 May 2025, 08:38 PM
- Updated: 08:38 PM
मुंबई, 26 मई (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने ‘मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड’ (एमआईएएल) द्वारा यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर परिचालन सेवाओं के वास्ते निविदाओं पर अंतिम निर्णय लेने पर सोमवार को अस्थायी रोक लगा दी। यह अस्थायी रोक सेवा अनुबंध को रद्द करने के विरूद्ध तुर्किये की कंपनी सेलेबी की याचिकाओं पर अदालत के जून में फिर खुलने पर सुनवाई होने तक प्रभावी रहेगी।
न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरेशन की अवकाशकालीन पीठ द्वारा जारी अंतरिम आदेश यह सुनिश्चित करता है कि निविदाओं पर तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, जब तक कि सेलेबी की कानूनी चुनौतियों पर जून में न्यायालय के पुनः खुलने के बाद सुनवाई नहीं हो जाती। सेलेबी ने सुरक्षा मंजूरी के निरस्तीकरण और अनुबंध समाप्ति को अदालत में चुनौती दी है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान तुर्किये ने पाकिस्तान को समर्थन दिया था, जिससे उसके खिलाफ भारत में हुई तीखी प्रतिक्रिया के बीच, विमानन सुरक्षा नियामक बीसीएएस ने इस माह के प्रारंभ में राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर ‘सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया’ की सुरक्षा मंजूरी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी थी।
कंपनी ने पिछले हफ्ते उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और सुरक्षा मंजूरी रद्द करने एवं एमआईएएल के साथ अनुबंध समाप्त करने को चुनौती दी थी।
सेलेबी की याचिका न्यायमूर्ति सुंदरेशन के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसमें एमआईएएल द्वारा 17 मई को जारी निविदाओं पर किसी भी निर्णय के खिलाफ तत्काल राहत का अनुरोध किया गया है।
उच्च न्यायालय ने कहा कि निविदाओं पर तबतक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाए जबतक सेलेबी की याचिकाओं पर जून में अदालत के खुल जाने पर सुनवाई नहीं हो जाती है।
तुर्किये की कंपनी सेलेबी की सहायक कंपनी ने पिछले हफ्ते उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और सुरक्षा मंजूरी रद्द करने एवं एमआईएएल के साथ अनुबंध समाप्त करने को चुनौती दी थी।
मुंबई हवाई अड्डे पर परिचालन करने वाली ‘सेलेबी नैस एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया’ ने तीन याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें सुरक्षा मंजूरी रद्द करने और अनुबंध समाप्त करने के केंद्र के फैसले को चुनौती दी गई थी।
याचिकाओं में कहा गया है कि ये निर्णय मनमाने और अवैध हैं, इसलिए उन्हें रद्द कर दिया जाए।
सेलेबी के पास ‘सेलेबी नैस एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ की 59 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
याचिका में भारत के नागर विमानन मंत्रालय के तहत आने वाले बीसीएएस द्वारा दी गई सुरक्षा मंजूरी को रद्द करने के प्रशासनिक निर्णय को निलंबित एवं निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।
इसमें एमआईएएल द्वारा ‘ब्रिज माउंटेड इक्विपमेंट सर्विस एग्रीमेंट’ और ‘कंसेशन एग्रीमेंट’ एवं ‘ग्राउंड हैंडलिंग सर्विसेज’ की समाप्ति को भी रद्द करने का भी अनुरोध किया था।
अंतरिम राहत के तौर पर सेलेबी ने उच्च न्यायालय से इन सेवाओं के लिए नयी एजेंसी के चयन के लिए 17 मई को जारी निविदाओं पर कोई भी अंतिम निर्णय लेने से एमआईएएल को रोकने का अनुरोध किया था।
सेलेबी की दो अन्य सहायक कंपनियों--‘सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया’ और ‘सेलेबी दिल्ली कार्गो टर्मिनल मैनेजमेंट इंडिया’ ने इस माह के आरंभ में दिल्ली हवाई अड्डा संचालक द्वारा सुरक्षा मंजूरी वापस लेने और अनुबंधों को रद्द करने के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
भाषा राजकुमार