नेशनल हेराल्ड मामला: ईडी का आरोप, यंग इंडियन और एजेएल को ‘चंदा देने वालों’ में कुछ कांग्रेस नेता शामिल
पारुल देवेंद्र
- 22 May 2025, 11:11 PM
- Updated: 11:11 PM
नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) कांग्रेस के कुछ नेता उन व्यक्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के निर्देश पर यंग इंडियन और एजेएल को दान किया, क्योंकि ऐसा नहीं करना उनके राजनीतिक करियर और व्यवसाय के लिए “नुकसानदेह” साबित हो सकता था। बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘नेशनल हेराल्ड’ से जुड़े धन शोधन मामले में दायर आरोपपत्र में यह बात कही है।
यह आरोपपत्र नौ अप्रैल को स्थानीय अदालत में दायर किया गया था, जिसने अभी तक इसका संज्ञान नहीं लिया है।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दायर अभियोजन शिकायत में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य सोनिया गांधी (78) को आरोपी नंबर एक और उनके बेटे एवं लोकसभा सदस्य राहुल गांधी (54) को आरोपी नंबर दो के रूप में नामित किया है। इसके अलावा पांच अन्य को भी आरोपी बनाया गया है।
नेशनल हेराल्ड-एजेएल-यंग इंडियन मामला यंग इंडियन के ‘लाभकारी मालिकों’ और अधिकांश शेयर धारकों (सोनिया और राहुल) द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति अवैध रूप से हासिल करने के लिए रची गई कथित साजिश से जुड़ा हुआ है।
एजेएल ‘नेशनल हेराल्ड’ समाचार मंच (खबर और वेब पोर्टल) का प्रकाशक है और इसका मलिकाना हक यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है।
सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ईडी ने अपनी जांच में पाया कि कुछ लोगों ने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर कंपनी को भुगतान किया, जिन्हें पार्टी में “कुछ लाभ देने” का भरोसा दिलाया गया था।
कांग्रेस ने गांधी परिवार के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र को “बदले की राजनीति” करार दिया है।
विपक्षी पार्टी ने पिछले महीने दावा किया था कि ईडी का आरोपपत्र देश के सामने मौजूद आर्थिक संकट से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
आरोपपत्र में यंग इंडियन के लिए चंदा मांगने के लिए जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें तेलंगाना के मुख्यमंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी, दिवंगत अहमद पटेल और पवन बंसल शामिल हैं।
हालांकि, इनमें से किसी भी नेता को आरोपपत्र में आरोपी नहीं बनाया गया है।
रेड्डी और बंसल की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने अरविंद विश्वनाथ सिंह चौहान नाम के एक कांग्रेस नेता का बयान दर्ज किया है, जिन्होंने कहा कि उन्होंने यंग इंडियन को अपने बैंक खाते से 30 लाख रुपये और 20 लाख रुपये नकद चंदा देने की व्यवस्था की, क्योंकि वह पटेल के अनुरोध को अस्वीकार नहीं कर सके, क्योंकि उन्होंने पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था।
सूत्रों के मुताबिक, ऐसा समझा जाता है कि एक अन्य व्यक्ति राजीव गंभीर ने ईडी को बताया है कि उन्होंने पटेल के निर्देश पर और 2019 के लोकसभा चुनावों में हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से अपने दामाद के लिए टिकट हासिल करने के अलावा एआईसीसी कार्यालय में अपने लिए पद सुनिश्चित करने के लिए यंग इंडियन को चंदा दिया था।
ईडी ने कहा कि गंभीर ने बाद में अपना पैसा वापस पाने के लिए सोनिया गांधी को पत्र लिखा, क्योंकि उनसे किए गए वादे “पूरे नहीं किए गए” और इस दान पर आयकर लाभ का दावा करने के लिए 80जी प्रमाणपत्र उन्हें प्रदान नहीं किया गया।
समझा जाता है कि ईडी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेड्डी (जो उस समय तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे), पटेल और बंसल को उन कांग्रेस नेताओं के रूप में नामजद किया है, जिनके निर्देश पर कई लोगों ने 2019-2022 के बीच यंग इंडियन को चंदा दिया था।
जांच एजेंसी ने कहा है कि कुछ दानकर्ता कांग्रेस के सदस्य या नेता हैं, जिन्होंने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के निर्देश पर यंग इंडियन को धन हस्तांतरित किया, क्योंकि उन्हें “मना” करना पार्टी में उनकी संभावनाओं के लिहाज से “नुकसानदेह” साबित होता।
समझा जाता है कि ईडी ने कहा है कि यंग इंडियन को किए गए भुगतान को दान नहीं माना जा सकता, क्योंकि वह “स्वैच्छिक रूप से” नहीं दिया गया था, बल्कि दानकर्ताओं ने सियासी करियर में कुछ लाभ हासिल करने के मकसद से दिया था।
ईडी ने पाया कि यंग इंडियन को वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के दौरान 6.90 करोड़ रुपये और 5.05 करोड़ रुपये का दान मिला और इस राशि का इस्तेमाल 2011-12 के आकलन वर्ष (दिसंबर 2017 में) के लिए आयकर विभाग द्वारा की गई मांग के खिलाफ अपील दायर करने के लिए भुगतान करने के वास्ते किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने यह भी कहा है कि विज्ञापनों के लिए पैसे के नाम पर इसी तरह का भुगतान एजेएल को किया गया था। जांच में पाया गया कि एक दर्जन से अधिक संस्थाओं ने विभिन्न कांग्रेस नेताओं के “निर्देश” पर एजेएल को 6.8 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
भाषा पारुल