केरल के मुख्यमंत्री ने सीएए को लेकर राहुल गांधी से पूछे सवाल
नोमान माधव
- 22 Apr 2024, 08:52 PM
- Updated: 08:52 PM
कन्नूर (केरल), 22 अप्रैल (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सोमवार को कांग्रेस पर देश में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोधी आंदोलन में हिस्सा नहीं लेने का आरोप लगाया और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से पूछा कि क्या राष्ट्रीय नेतृत्व ने पार्टी की राज्य इकाई को विरोध प्रदर्शन में भाग लेने से रोका था।
विजयन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने राज्य इकाई से सीएए विरोधी आंदोलन से हटने को कहा था।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ यह सिर्फ हमारा अनुमान है। यह सही भी हो सकता है और गलत भी। अगर हम गलत हैं, तो वे (कांग्रेस) बता सकते हैं। राहुल गांधी केरल का दौरा कर रहे हैं...वह बता सकते हैं कि आपने (मुख्यमंत्री ने) जो कहा है, वह सच नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गांधी इसके खिलाफ कुछ नहीं कह रहे हैं, क्योंकि यह एक तथ्य है।
विजयन इस उत्तरी जिले के मट्टनूर में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। राज्य में लोकसभा चुनाव के तहत सिर्फ चार दिन बाद मतदान है।
गांधी पर निशाना साधते हुए वामपंथी नेता ने कहा कि जब सीएए आया तो कांग्रेस नेता देश भर का दौरा कर रहे थे।
विजयन ने आरोप लगाया कि उन्होंने (गांधी ने) देश और दुनिया की सभी समस्याओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त की, लेकिन उन्होंने विवादास्पद कानून पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि गांधी ऐसे मुद्दों पर अपनी आवाज नहीं उठा सकते क्योंकि उनके साथ संघ-परिवार की मानसिकता वाले नेता मौजूद हैं।
विजयन ने कहा कि दुनिया के किसी भी सभ्य देश ने नागरिकता का आधार धर्म को नहीं बनाया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार का विवादित सीएए देश के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के खिलाफ है।
विजयन ने आरोप लगाया कि जब सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने और धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए हर कोई आगे आया तो कांग्रेस ने भाजपा के इस कदम के खिलाफ कोई खास विरोध नहीं किया।
विजयन ने कहा, “ किसी भी सभ्य राष्ट्र ने नागरिकता का आधार धर्म को तय नहीं किया है। कोई भी देश शरणार्थियों को उनके धर्म के आधार पर नहीं बांटता।”
भारत नागरिकता देने के लिए धर्म को आधार बना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को नष्ट कर रहा है।
विजयन ने कहा कि दिल्ली में सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए वामपंथी दलों के नेताओं सहित कई राष्ट्रीय नेताओं को गिरफ्तार किया गया था और दावा किया कि उनमें कांग्रेस का कोई नेता नहीं था।
मुख्यमंत्री ने राज्य में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ के 18 सांसदों पर उस दिन पार्टी के अध्यक्ष द्वारा आयोजित भोज में शामिल होने का आरोप लगाया जब राष्ट्रीय राजधानी में सीएए के खिलाफ सबसे उग्र आंदोलन हुआ था।
विजयन ने पूछा कि धर्मनिरपेक्ष पार्टी होने का दावा करने वाली कांग्रेस देश में लागू किए जा रहे आरएसएस के एजेंडे का विरोध क्यों नहीं कर सकी?
उन्होंने कहा कि राज्य में एलडीएफ सरकार लोगों को धर्म के आधार पर बांटने के खिलाफ कड़ा रुख अपना रही है।
वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता ने यह भी दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान दक्षिणी राज्य में एलडीएफ के समर्थन में लहर दिख रही है और सत्तारूढ़ मोर्चा 26 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव में उल्लेखनीय सफलता हासिल करेगा।
भाषा नोमान