प्रधानमंत्री ने विपक्ष को आईना दिखाया है : भाजपा ने मोदी की टिप्पणियों पर हो रही आलोचना पर कहा
वैभव दिलीप
- 22 Apr 2024, 09:04 PM
- Updated: 09:04 PM
नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजस्थान की एक रैली में प्रधानमंत्री की टिप्पणियों को विपक्ष द्वारा साम्प्रदायिक रूप से विभाजनकारी बताने के बाद सोमवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष को आईना दिखाया है तथा लोगों की भावनाओं को प्रतिध्वनित किया है।
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पत्रकारों से कहा कि विपक्ष को दर्द हो रहा है, क्योंकि मोदी ने उन्हें उनके अतीत के बारे में आईना दिखा दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी की टिप्पणियां लोगों को पसंद आयीं, क्योंकि विपक्षी गुट ‘इंडिया’ के लिए जो लोग अवैध रूप से देश में दाखिल हुए हैं, यदि वे मुस्लिम हैं, तो वे देश के नागरिकों से अधिक महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब आप सच को सच कहते हैं तो ‘इंडिया’ गठबंधन को दर्द शुरू हो जाता है। उन्हें अपनी विरासत और अतीत पर इतनी शर्म आती है कि वे नहीं चाहते कि भाजपा या राजग का कोई नेता उन्हें आईना दिखाए और उनके अतीत के बारे में बात करे।’’
राजस्थान के बांसवाड़ा में रविवार को एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा था कि कांग्रेस की योजना लोगों की गाढ़ी कमाई और संपत्ति ‘‘घुसपैठियों’’ तथा ‘‘ज्यादा बच्चे वाले लोगों’’ को देने की है।
मोदी ने कहा था, “पहले जब उनकी (कांग्रेस) सरकार थी, उन्होंने कहा था की देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठी करके किसको बांटेंगे?.. जिनके ज्यादा बच्चे हैं उनको बांटेंगे।”
कांग्रेस ने सोमवार को मोदी पर निशाना साधते हुए उन पर चुनावी फायदे के लिए साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया।
पार्टी ने निर्वाचन आयोग से शिकायत कर प्रधानमंत्री के बयान के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी और कुछ अन्य विषयों पर शिकायतें कीं। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और गुरदीप सप्पल शामिल थे।
कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री कुछ ऐसी बात कर रहे हैं, जो कांग्रेस के घोषणापत्र में है ही नहीं और वह चुनावी लाभ के लिए देश में ‘‘सांप्रदायिक ध्रुवीकरण’’ पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।
भाटिया ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए पूछा कि क्या 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नहीं कहा था कि अल्पसंख्यक खासतौर से मुसलमानों का देश के संसाधनों पर पहला हक है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का शासन भारतीय लोकतंत्र में एक काला अध्याय है और यदि ‘इंडिया’ गठबंधन या कांग्रेस को शर्म आती है, तो आनी भी चाहिए।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2006 में राष्ट्रीय विकास परिषद की 52वीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा था, ‘‘हमें यह सुनिश्चित करने के लिए नवीन योजनाएं तैयार करनी होंगी कि अल्पसंख्यक, विशेष रूप से मुस्लिम अल्पसंख्यक, विकास के परिणाम समान रूप से साझा करने के लिए सशक्त हों।’’
उन्होंने कहा था, ‘‘संसाधनों पर पहला दावा उनका होना चाहिए।’’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के कांकेर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए यह मुद्दा उठाया।
गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कहती है कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यक (समुदाय) का है, लेकिन भाजपा कहती है कि गरीबों, आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों का देश के संसाधनों पर पहला अधिकार है।
भाजपा के एक और प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने कहा कि जनता के सामने कांग्रेस की इस सोच का पर्दाफाश करना जरूरी है, ताकि लोगों को पता चले कि विपक्षी पार्टी ‘वोट बैंक बनाने के लिए कितना नीचे जा सकती है’।
भाषा वैभव