संबित पात्रा ने मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की
आशीष पारुल
- 05 May 2025, 10:58 PM
- Updated: 10:58 PM
(फाइल फोटो सहित)
इंफाल, पांच मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा ने सोमवार को इंफाल में मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के साथ बंद कमरे में बैठक की।
पात्रा ने इंफाल ईस्ट जिले के लुवांगशांगबाम स्थित सिंह के आवास पर उनसे मुलाकात की।
पार्टी सूत्रों ने बताया, ‘‘सिंह के साथ बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान कुछ भाजपा विधायक भी मौजूद थे। यह बैठक एक घंटे से अधिक समय तक चली।’’
इसके बाद पात्रा ने विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की।
पात्रा ने इंफाल के एक होटल में पार्टी के अन्य विधायकों से भी बातचीत की।
होटल में पात्रा के साथ चर्चा में शामिल भाजपा के दो विधायकों ने कहा कि बातचीत मुख्य रूप से मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति के इर्द-गिर्द घूमती रही।
भाजपा विधायक के इबोमचा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने पहाड़ियों और घाटी में शांति बहाल करने के तरीकों पर चर्चा की। हमने सुरक्षा बलों की भूमिका के बारे में भी बात की। उन्होंने (पात्रा) धैर्यपूर्वक हमारी बात सुनी और आश्वासन दिया कि अधिकारियों को हमारी चिंताओं से अवगत कराया जाएगा।’’
भाजपा विधायक सपाम कुंजकेशोर ने कहा, ‘‘चर्चा मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था, शांति और सामान्य स्थिति की बहाली पर केंद्रित थी। हालांकि, मणिपुर में सरकार गठन के बारे में 21 विधायकों द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को हाल में लिखे गए पत्र पर कोई चर्चा नहीं हुई।’’
इससे पहले, पात्रा ने दो कुकी जो विधायकों वुंगजागिन वाल्टे और एलएम खौते से मुलाकात की। वाल्टे चार मई, 2023 को भीड़ के हमले में बच गए थे।
भाजपा नेता पात्रा ने जोमी स्टूडेंट फेडरेशन (जेडएसएफ) के नेताओं से भी मुलाकात की। जेडएसएफ नेताओं ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
पात्रा की इस यात्रा के करीब एक सप्ताह पहले मणिपुर के 21 विधायकों ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह को अलग-अलग पत्र लिखकर राज्य में ‘‘लोकप्रिय सरकार’’ के गठन की मांग की थी, ताकि शांति और सामान्य स्थिति बहाल हो सके। राज्य में वर्तमान में राष्ट्रपति शासन लागू है।
मणिपुर में 13 फरवरी को एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था।
मई 2023 से राज्य में मेइती और कुकी समुदायों के बीच जारी जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
भाषा आशीष