मंगलुरु में हिंदू कार्यकर्ता की हत्या पर भाजपा ने सिद्धरमैया सरकार को घेरा
शुभम रंजन
- 02 May 2025, 09:28 PM
- Updated: 09:28 PM
बेंगलुरु, दो मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने हिंदू कार्यकर्ता की हत्या को लेकर राज्य में सिद्धरमैया नीत कांग्रेस सरकार पर शुक्रवार को निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह राज्य में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने को प्रदर्शित करता है।
भाजपा नेता ने मामले की एनआईए जांच की मांग की।
राज्य सरकार से मुआवजा देने की मांग करते हुए पार्टी ने सुहास शेट्टी के परिजनों को 25 लाख रुपये देने की घोषणा की है।
कुख्यात बदमाश एवं हिंदूवादी कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की बृहस्पतिवार देर शाम मंगलुरु शहर के बाजपे पुलिस थाना क्षेत्र में कुछ अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी।
उन्होंने मंगलुरु में शेट्टी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से कहा, "हिंदू कार्यकर्ता सुहास की बर्बर हत्या ने पूरे कर्नाटक को झकझोर कर रख दिया है। कांग्रेस के शासनकाल (सिद्धरमैया के नेतृत्व में) में कर्नाटक में हिंदू सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। यह घटना स्पष्ट रूप से राज्य मशीनरी की विफलता और पुलिस विभाग की लापरवाही को दर्शाती है।"
उन्होंने दावा किया कि पुलिस विभाग को सुहास को भेजे गए जान से मारने के संदेशों की जानकारी थी, फिर भी उन्हें कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। दरअसल, सुहास के पास हमेशा मौजूद रहने वाले हथियार भी पुलिस विभाग ने छीन लिए। इसलिए मुझे लगता है कि इसमें पुलिस विभाग की ओर से भी कोई साजिश और लापरवाही थी।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से शेट्टी की मौत को हल्के में न लेने का आग्रह करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस घटना को कर्नाटक सरकार और पुलिस विभाग को गंभीरता से लेना होगा।
उन्होंने कहा, "इस मामले की उचित जांच केवल राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण द्वारा ही की जा सकती है। यही एकमात्र उचित जांच होगी। इसलिए मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि वह मामले की जांच एनआईए को सौंपें और गरीब परिवार की मदद के लिए आगे आएं। सुहास की मां को गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। अपने सभी नेताओं से चर्चा करने के बाद हमने उनके परिवार के लिए 25 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। मैं राज्य सरकार से भी मांग करता हूं कि वह भी आगे आए और इस मामले में गरीब परिवार की मदद करे।"
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने इससे पहले ‘एक्स’ पर कहा कि सरेआम सड़क पर शेट्टी की नृशंस हत्या यह दिखाती है कि कांग्रेस सरकार के तहत कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह साफ दिखाता है कि कट्टरपंथी तत्व कितने बेखौफ हो गए हैं और कानून से डरे बिना हिंदू कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, "राज्यपाल थावरचंद गहलोत को कर्नाटक में 'बढ़ते चरमपंथ' और 'कानून-व्यवस्था में भयावह गिरावट' पर तत्काल और निर्णायक संज्ञान लेना चाहिए।"
विजयेंद्र ने आगे आरोप लगाया कि "हिंदू कार्यकर्ताओं को लगातार व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाया जाना यह सवाल उठाने पर मजबूर करता है कि क्या कांग्रेस सरकार चुपचाप राज्य के भीतर सुरक्षित पनाहगाहों, एक 'मिनी पाकिस्तान' के उभरने की अनुमति दे रही है।"
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने भी राज्य सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में कर्नाटक में हिंदुओं के लिए कोई जगह नहीं है और उन्होंने राज्य में ‘‘बिगड़ती’’ कानून व्यवस्था के लिए गृह मंत्री जी परमेश्वर के इस्तीफे की मांग की।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘कश्मीर और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की तरह ही व्यस्त सड़कों पर हिंदुओं की पहचान कर उन्हें मारा जा रहा है। पाकिस्तान के प्रति नरम दिल मुख्यमंत्री सिद्धरमैया कर्नाटक में हिंदुओं की हत्या होने पर एकदम चुप हो जाते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सिद्धरमैया मुख्यमंत्री के तौर पर एक बड़ी आपदा से कम नहीं हैं और राज्य की कानून-व्यवस्था उनके हाथों से निकल चुकी है। उन्होंने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है। गृह मंत्री जी परमेश्वर को राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।’’
भाषा शुभम