भारत और पाकिस्तान के बीच अटारी-वाघा सीमा पूरी तरह बंद
शुभम माधव
- 01 May 2025, 06:38 PM
- Updated: 06:38 PM
(तस्वीरों सहित)
नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर केंद्र सरकार द्वारा अल्पकालिक वीजा वाले सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने का आदेश दिए जाने के बाद दोनों देशों के बीच अटारी-वाघा सीमा पारगमन स्थल को बृहस्पतिवार को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इसे सीमा पार करने के लिए एक सप्ताह तक चली लोगों की भारी आवाजाही के बाद बंद किया गया है।
दो सूत्रों ने पुष्टि की है कि अटारी-वाघा सीमा पारगमन स्थल अब पूरी तरह से बंद कर दिया गया है तथा बृहस्पतिवार को दोनों देशों से कोई भी व्यक्ति सीमा पार कर दूसरे देश में नहीं गया।
बुधवार को अटारी-वाघा सीमा के माध्यम से कुल 125 पाकिस्तानी नागरिक भारत से वापस पाकिस्तान चले गए, जिससे पिछले सात दिनों में देश छोड़ने वाले पाकिस्तानियों की कुल संख्या 911 हो गई।
बुधवार को पाकिस्तानी वीजा वाले 15 भारतीय नागरिक भी पाकिस्तान चले गए, जिससे ऐसे लोगों की कुल संख्या 23 हो गई।
इसी प्रकार दीर्घकालिक भारतीय वीजा वाले 152 भारतीय नागरिक और 73 पाकिस्तानी नागरिक पंजाब के अमृतसर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके भारत में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे ऐसे लोगों की कुल संख्या क्रमशः 1,617 और 224 हो गई है।
केंद्र ने 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा 26 लोगों (जिनमें अधिकतर पर्यटक थे) की हत्या के बाद पाकिस्तानी नागरिकों को 'भारत छोड़ने' का आदेश दिया था।
दक्षेस वीजा रखने वालों के लिए भारत से बाहर जाने की अंतिम तिथि 26 अप्रैल थी जबकि मेडिकल वीजा रखने वालों के लिए अंतिम तिथि 29 अप्रैल थी।
अन्य 12 श्रेणियों के वीजा के लिए अंतिम तिथि 27 अप्रैल थी। ये वीजा आगमन पर तथा व्यवसाय, फिल्म, पत्रकार, पारगमन, सम्मेलन, पर्वतारोहण, छात्र, आगंतुक, समूह पर्यटक, तीर्थयात्री और समूह तीर्थयात्रियों के लिए थे।
नयी दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तीन रक्षा/सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को 23 अप्रैल को अवांछित घोषित कर दिया गया और उन्हें भारत छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया। इन रक्षा अताशे के पांच सहायक कर्मचारियों को भी भारत छोड़ने के लिए कहा गया।
भारत ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से अपने रक्षा अताशे को भी वापस बुला लिया।
हालांकि दीर्घकालिक, राजनयिक या आधिकारिक वीजा रखने वालों को 'भारत छोड़ने' के आदेश से छूट दी गई थी।
सूत्रों ने 'पीटीआई भाषा' को बताया कि कुल 125 पाकिस्तानी नागरिक 30 अप्रैल को अटारी-वाघा पारगमन स्थल के माध्यम से भारत छोड़ गए; 10 राजनयिकों सहित कुल 94 पाकिस्तानी नागरिक 29 अप्रैल को भारत छोड़ गए; 36 राजनयिकों, उनके आश्रितों और सहायक कर्मचारियों सहित 145 पाकिस्तानी 28 अप्रैल को भारत छोड़ गए; नौ राजनयिकों और अधिकारियों सहित 237 पाकिस्तानी 27 अप्रैल को भारत छोड़ गए; 26 अप्रैल को 81 लोग भारत छोड़ गए; 25 अप्रैल को 191 और 24 अप्रैल को 28 पाकिस्तानी भारत छोड़ गए।
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी वीजा वाले 15 भारतीय नागरिक भी 30 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत से चले गए, जबकि आठ भारतीय 29 अप्रैल को भारत से चले गए।
इसी प्रकार, 30 अप्रैल को 152 भारतीय नागरिक अटारी-वाघा सीमा पार कर पाकिस्तान से भारत आए; 29 अप्रैल को 11 राजनयिकों और अधिकारियों सहित 469 भारतीय उसी मार्ग से पाकिस्तान से लौटे; 28 अप्रैल को 146 भारतीय लौटे; 27 अप्रैल को एक राजनयिक सहित 116 भारतीय लौटे; 26 अप्रैल को 13 राजनयिकों और अधिकारियों सहित 342 भारतीय वापस आए; 25 अप्रैल को 287 भारतीय पाकिस्तान से भारत आए तथा 24 अप्रैल को 105 भारतीय वापस आए।
दीर्घावधि भारतीय वीजा वाले कुल 73 पाकिस्तानी नागरिक 30 अप्रैल को सीमा पारगमन स्थल के माध्यम से देश में आए; 22 पाकिस्तानी नागरिक 29 अप्रैल को आए, जबकि इसी श्रेणी के वीजा वाले 129 पाकिस्तानी 28 अप्रैल को भारत में प्रवेश कर गए।
सूत्रों ने बताया कि कुछ पाकिस्तानी संभवतः हवाई अड्डों के जरिए भी भारत से चले गए होंगे। उन्होंने बताया कि चूंकि भारत का पाकिस्तान के साथ सीधा हवाई संपर्क नहीं है इसलिए वे संभवतः किसी तीसरे देश चले गए होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 25 अप्रैल को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन किया और उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पाकिस्तानी देश छोड़ने की निर्धारित समय सीमा से अधिक समय तक भारत में न रहे।
भाषा
शुभम