विवादित बयानों को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर निशाना, नेताओं से बयानबाजी न करने की कांग्रेस की हिदायत
हक हक सुरेश
- 28 Apr 2025, 07:56 PM
- Updated: 07:56 PM
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के कुछ नेताओं की पहलगाम हमले से संबंधित टिप्पणियों को लेकर सोमवार को मुख्य विपक्षी दल पर निशाना साधा और मल्लिकार्जुन खरगे तथा राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या राष्ट्रीय एकता का उनका आह्वान महज एक औपचारिकता थी।
दूसरी तरफ, कांग्रेस ने पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में अपने कुछ नेताओं की विवादित टिप्पणियों से दूरी बनाते हुए हिदायत दी कि इस संवेदनशील विषय पर पार्टी लाइन से हटकर बयान नहीं दिया जाना चाहिए।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति का प्रस्ताव, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी द्वारा व्यक्त विचार ही पार्टी की राय है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने विपक्षी पार्टी के नेतृत्व पर निशाना साधने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार, कर्नाटक के मंत्री आर बी तिम्मापुर तथा राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाद्रा सहित पार्टी के कई नेताओं के नाम लिये।
उन्होंने कहा, ‘‘क्या राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का अपनी पार्टी पर कोई नियंत्रण नहीं है? या फिर उन दोनों ने औपचारिक टिप्पणियां कीं और दूसरों को अपनी मर्जी से बोलने की आजादी दी?’’
प्रसाद ने कहा कि उनकी (कांग्रेस नेताओं की) टिप्पणियों का इस्तेमाल पाकिस्तान में, यहां तक कि वहां की मीडिया द्वारा भी भारत को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब आतंकी हमले के बाद पूरी दुनिया भारत के साथ है, चाहे वह अमेरिका हो, फ्रांस हो या सऊदी अरब,- ये नेता इस तरह की शर्मनाक और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी कर रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है।
उन्होंने कहा कि वडेट्टीवार और तिम्मापुर जैसे नेताओं ने कुछ पीड़ितों के इस बयान पर सवाल उठाया है कि आतंकवादियों ने गैर-मुसलमानों की पहचान की और फिर उन्हें गोली मार दी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई के लिए सर्वदलीय बैठक में सरकार को अपना समर्थन दिया था, जो भारत के परिपक्व लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है।
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘कांग्रेस कार्यसमिति ने 24 अप्रैल, 2025 को बैठक की और इससे दो दिन पहले पहलगाम में पर्यटकों पर हुए बर्बर आतंकी हमले पर एक प्रस्ताव पारित किया। इसके पश्चात 24 अप्रैल, 2025 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सर्वदलीय बैठक में भाग लिया तथा पार्टी का पक्ष रखा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के कुछ नेता मीडिया में चर्चा कर रहे हैं। वे केवल अपनी व्यक्तिगत राय रखते हैं, वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते।’’
रमेश ने कहा कि ऐसे अत्यंत संवेदनशील समय में इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि केवल कांग्रेस कार्यसमिति का प्रस्ताव, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी द्वारा व्यक्त विचार एवं अधिकृत पार्टी पदाधिकारियों के विचार ही कांग्रेस की आधिकारिक राय का प्रतिनिधित्व करते हैं।
बाद में रमेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘कांग्रेस नेता इस संवेदनशील विषय पर पार्टी लाइन के अनुसार टिप्पणी करें या फिर बयानबाजी से परहेज करें।’’
कांग्रेस ने बीते 24 अप्रैल को कार्यसमिति की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा था कि पहलगाम आतंकी हमला भारतीय गणराज्य के मूल्यों पर सीधा हमला है और पाकिस्तान द्वारा रची गई इस साजिश के तहत हिंदू नागरिकों को निशाना बनाया गया, ताकि भारत में भावनाएं भड़काई जा सकें।
उसने यह भी आरोप लगाया था कि भाजपा इस गंभीर त्रासदी का फायदा उठाकर ध्रुवीकरण और विभाजन को बढ़ावा दे रही है।
इस बीच, कांग्रेस के कुछ नेताओं ने हाल के दिनों में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर ऐसी टिप्पणियां की हैं, जिससे विवाद खड़ा हुआ है।
खबरों के अनुसार, महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि आतंकवादियों के पास क्या इतना समय होता है कि वे लोगों को उनके धर्म के बारे में पूछकर मारें। बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई दी।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रविवार को कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले में कुछ चूक जरूर है, लेकिन अपनी बेहतरीन खुफिया सेवाओं के लिए विख्यात इजराइल का भी उदाहरण है, जहां दो साल पहले बड़ा हमला हुआ था।
उनका यह भी कहना था कि किसी भी देश के पास शत- प्रतिशत पुख्ता खुफिया सेवा (फूलप्रूफ इंटेलिजेंस) नहीं हो सकती।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज ने सिंधु जल संधि को लेकर कथित तौर पर कहा था कि ये पाकिस्तान की जीवन रेखा है और पहलगाम हमले पर भारत को पाकिस्तान की बात मान लेनी चाहिए।
भाषा हक हक