केवल तलाक-ए-बिद्दत पर रोक है, तलाक-ए-अहसन पर नहीं: उच्च न्यायालय

केवल तलाक-ए-बिद्दत पर रोक है, तलाक-ए-अहसन पर नहीं: उच्च न्यायालय