भारत अपने डिजिटल सफर के महत्वपूर्ण पड़ाव पर: एचपी इंडिया प्रबंध निदेशक
अनुराग प्रेम
- 24 Apr 2025, 08:40 PM
- Updated: 08:40 PM
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) लैपटॉप बनाने वाली दिग्गज कंपनी एचपी की भारत में वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (एमडी) इप्सिता दासगुप्ता ने बृहस्पतिार को कहा कि भारत अपने डिजिटल सफर के महत्वपूर्ण पड़ाव पर है, जहां कृत्रिम मेधा (एआई), क्लाउड और कनेक्टिविटी से सीखने और काम करने का तरीका निर्धारित होता है।
दासगुप्ता ने यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘भारत अपने डिजिटल सफर के बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां एआई, क्लाउड और कनेक्टिविटी से यह निर्धारित हो रहा है कि हम कैसे जीते हैं, सीखते हैं और काम करते हैं। दुनिया के सबसे बड़े डेवलपर बेस और तेजी से बढ़ते उपयोगकर्ता तंत्र के साथ भारत एआई क्रांति का नेतृत्व करने की स्थिति में है।”
कृत्रिम मेधा से लैस लैपटॉप पेश किए जाने के मौके पर उन्होंने कहा, “एचपी में हम इसे सार्थक नवोन्मेष करने, उत्पादकता बढ़ाने और वित्तीय सेवा एवं खुदरा से लेकर स्वास्थ्य एवं शिक्षा तक विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक अवसरों को सक्षम बनाने के महत्वपूर्ण पल के रूप में देख रहे हैं। इससे भविष्य में काम करने के तरीके की परिभाषा बदलेगी।”
कंपनी ने बताया कि सोशल मीडिया पर ‘क्रिएटर्स’, फ्रीलांसर्स (स्वतंत्र कार्य करने वाले) और रोजमर्रा के काम करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए बनाई गई विभिन्न लैपटॉप शृंखलाओं में एआई से लैस कई विशेषताएं हैं।
एचपी इंडिया के वरिष्ठ निदेशक (पर्सनल सिस्टम्स) विनीत गेहानी ने कहा, “भारत विविधता से पूर्ण और गतिशील बाजार है, जहां लोग ऐसी प्रौद्योगिकी चाहते हैं, जो शक्तिशाली भी हो और आसान पहुंच में भी हो। एचपी के एआई से लैस अगली पीढ़ी के पीसी (पर्सनल कंप्यूटर) के अब तक के सबसे बड़े पोर्टफोलियो के साथ हमारे पास सभी के लिए कुछ न कुछ है।
उन्होंने कहा, “...फिर चाहे बात किसी बड़े आइडिया पर काम कर रहे स्टार्टअप संस्थापक की हो, डिजिटल परिवर्तन का नेतृत्व कर रही किसी बड़ी कंपनी की हो या फिर राह चलते वीडियो एडिट कर रहे किसी क्रिएटर की हो।”
गेहानी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि 2025 में भारत में बिकने वाले कुल एचपी पर्सनल कंप्यूटरों में से 13 प्रतिशत का निर्माण स्थानीय स्तर पर किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता नवाचार से कहीं आगे तक फैली हुई है; इसमें स्थानीय विनिर्माण में गहन निवेश शामिल है। 2025 के अंत तक, भारत में बिकने वाले सभी एचपी पीसी में से लगभग 13 प्रतिशत का स्थानीय रूप से उत्पादन किया गया होगा। हमारा साहसिक लक्ष्य है कि 2031 तक भारत में बिकने वाले एचपी के हर तीन पीसी में से एक का निर्माण भारत में होगा।”
कंपनी ने बताया कि नई शृंखला के इन लैपटॉप की कीमत 78,999 रुपये (एचपी ओम्नीबुक 5 16 इंच) से शुरू होकर 1,86,499 रुपये (एचपी ओम्नीबुक अल्ट्रा 14 इंच) तक रखी गई है।
आईडीसी के अनुमानों के मुताबिक, वार्षिक आपूर्ति में लगभग एक प्रतिशत और तिमाही आपूर्ति में 1.8 प्रतिशत की गिरावट आने के बावजूद एचपी 2024 में 30.1 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी और अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारत के पर्सनल कंप्यूटर बाजार में अग्रणी रहा।
कंपनी ने भारत में लैपटॉप विनिर्माण के लिए इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण सेवा कंपनियों डिक्सन और वीवीडीएन के साथ साझेदारी की है।
भाषा अनुराग