प्रधानमंत्री मोदी, अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर प्रगति का स्वागत किया
आशीष अमित
- 22 Apr 2025, 12:39 AM
- Updated: 12:39 AM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) भारत और अमेरिका ने सोमवार को कहा कि दोनों देशों ने पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत में ‘‘महत्वपूर्ण प्रगति’’ की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने रक्षा, ऊर्जा और सामरिक प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक वार्ता की।
वेंस, भारतीय मूल की अपनी पत्नी उषा चिलुकुरी और तीन बच्चों- बेटे इवान, विवेक और बेटी मीराबेल के साथ भारत की चार दिवसीय निजी यात्रा पर दिल्ली पहुंचे। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका के नए शुल्क को लेकर वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ रहा है।
‘व्हाइट हाउस’ ने कहा कि वेंस और मोदी ने व्यापार समझौते के लिए वार्ता में ‘‘महत्वपूर्ण प्रगति’’ का स्वागत किया और वार्ता के लिए ‘‘संदर्भ की शर्तों को अंतिम रूप देने’’ की औपचारिक घोषणा की, जिसमें आर्थिक प्राथमिकताओं के बारे में आगे की चर्चाओं के लिए एक खाका तैयार हुआ।
मोदी ने आधिकारिक वार्ता के बाद अपने आवास सात, लोक कल्याण मार्ग पर वेंस, उनके परिवार के लिए रात्रि भोज का आयोजन किया। रात्रि भोज में कई केंद्रीय मंत्री और अमेरिकी अधिकारी भी शामिल हुए।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि मोदी ने वेंस को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह इस वर्ष के अंत में उनकी भारत यात्रा की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मोदी ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी ‘‘हमारे लोगों और दुनिया के बेहतर भविष्य’’ के लिए 21वीं सदी की निर्णायक साझेदारी होगी।
भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं, जैसा कि फरवरी में वाशिंगटन डीसी में मोदी और ट्रंप की वार्ता के दौरान सहमति बनी थी। व्यापार समझौते में टैरिफ (शुल्क) और बाजार पहुंच सहित कई मुद्दों पर सहमति बनने की संभावना है।
‘व्हाइट हाउस’ ने कहा कि व्यापार समझौता (बीटीए) दोनों देशों में रोजगार सृजन और नागरिक कल्याण को बढ़ावा देने पर केंद्रित एक नए और आधुनिक समझौते पर बातचीत करने का ‘‘अवसर प्रस्तुत करता है’’, जिसका लक्ष्य संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी तरीके से द्विपक्षीय व्यापार और आपूर्ति-श्रृंखला एकीकरण को बढ़ाना है।
‘व्हाइट हाउस’ ने कहा, ‘‘भारत के लिए अमृत काल और ‘अमेरिका के लिए स्वर्ण युग’ के अपने-अपने दृष्टिकोण से निर्देशित, बीटीए से दोनों देशों में कामगारों, किसानों और उद्यमियों के लिए विकास के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।’’
वेंस ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘आज शाम प्रधानमंत्री मोदी से मिलना सम्मान की बात थी। वह एक महान नेता हैं। वह मेरे परिवार से बेहद स्नेह से मिले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में मैं भारत के लोगों के साथ हमारी दोस्ती और सहयोग को मजबूत करने के लिए काम करने को उत्सुक हूं।’’
मोदी और वेंस ने रूस-यूक्रेन संघर्ष सहित आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया तथा आगे बढ़ने के लिए ‘‘वार्ता और कूटनीति’’ का आह्वान किया।
मोदी और वेंस की पिछली मुलाकात फरवरी में पेरिस में ‘एआई एक्शन समिट’ के दौरान हुई थी।
वेंस की पहली भारत यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारत सहित लगभग 60 देशों के पर नए शुल्क लागू करने और फिर उसे स्थगित करने के कुछ सप्ताह बाद हो रही है।
भारतीय विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी और उपराष्ट्रपति वेंस ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा की और उसका सकारात्मक मूल्यांकन किया।
इसमें कहा गया, ‘‘उन्होंने दोनों देशों के लोगों के कल्याण पर केंद्रित पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए वार्ता में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का स्वागत किया।’’
वक्तव्य में कहा गया, ‘‘इसी प्रकार, उन्होंने ऊर्जा, रक्षा, सामरिक प्रौद्योगिकियों और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में जारी प्रयासों पर भी ध्यान दिया।’’
यह पहली बार है कि दोनों पक्षों ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए वार्ता में ‘‘महत्वपूर्ण प्रगति’’ हुई है, जिसके इस साल के अंत तक अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
भारतीय वार्ताकारों का एक प्रतिनिधिमंडल बीटीए पर अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत करने के लिए बुधवार को अमेरिका की यात्रा पर जाएगा।
विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने फरवरी में वाशिंगटन डी सी की अपनी यात्रा और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी सार्थक चर्चा को याद किया, जिसमें भारत और अमेरिका के बीच घनिष्ठ सहयोग के लिए रोडमैप तैयार किया गया था।
दोनों नेताओं ने पारस्परिक हित के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया तथा आगे बढ़ने के लिए बातचीत और कूटनीति का आह्वान किया।
वक्तव्य में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति, उनकी पत्नी और उनके बच्चों को भारत में सुखद और उपयोगी प्रवास के लिए शुभकामनाएं दीं।’’
इस वर्ष के अंत में ट्रंप के क्वाड समूह के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आने की संभावना है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव (द्वितीय) शक्तिकांत दास वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। वार्ता का जोर द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के साथ-साथ रक्षा और ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को बढ़ावा देने पर था।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति और उनका परिवार सप्ताहांत में इटली की अपनी यात्रा के बाद दिल्ली पहुंचा। वेंस 12 वर्षों में भारत आने वाले पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति हैं। इससे पहले 2013 में जो बाइडन ने नयी दिल्ली का दौरा किया था।
सूत्रों ने बताया कि वेंस और उनका परिवार 22 अप्रैल को जयपुर के कई ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेगा। सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति और उनका परिवार 23 अप्रैल की सुबह आगरा की यात्रा करेगा। उन्होंने बताया कि आगरा में वे ताजमहल और शिल्पग्राम का दौरा करेंगे। शिल्पग्राम विभिन्न भारतीय कलाकृतियों को दर्शाने वाला एक खुला एम्पोरियम है।
आगरा की यात्रा के बाद वेंस 23 अप्रैल को जयपुर लौटेंगे। सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति और उनका परिवार 24 अप्रैल को जयपुर से अमेरिका रवाना होगा।
भाषा आशीष