प्रदर्शन के आधार पर बना भाजपा की कर्नाटक इकाई का अध्यक्ष: विजयेंद्र
नेत्रपाल पवनेश
- 20 Apr 2024, 06:55 PM
- Updated: 06:55 PM
बेंगलुरु, 20 अप्रैल (भाषा) भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने अपने ऊपर लग रहे "वंशवाद की राजनीति" के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी के प्रदेश प्रमुख के रूप में दिग्गज नेता बी एस येदियुरप्पा का बेटा होने की वजह से नहीं, बल्कि उनके प्रदर्शन और प्रतिबद्धता के आधार पर नियुक्त किया गया है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनका प्राथमिक उद्देश्य पूरे कर्नाटक में भाजपा के आधार को मजबूत करना है। विजयेंद्र ने यह भी कहा कि लोग नरेन्द्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और कांग्रेस सरकार की गारंटी समेत कोई भी कारक इसमें आड़े नहीं आएगा।
पार्टी के प्रदेश प्रमुख ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘अगर मुझे खुद येदियुरप्पा ने पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किया होता तो मैं ईश्वरप्पा या यतनाल के बयानों से सहमत होता, लेकिन मैं येदियुरप्पा के नहीं, बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व के फैसले के कारण अध्यक्ष हूं।’’
पार्टी के वरिष्ठ नेता के एस ईश्वरप्पा और बसनगौड़ा पाटिल यतनाल द्वारा उन पर ''वंशवाद की राजनीति'' का आरोप लगाए जाने पर विजयेंद्र ने कहा कि दोनों नेताओं को इस तथ्य को समझना होगा कि उन्हें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में केवल उनके प्रदर्शन और प्रतिबद्धता के आधार पर नियुक्त किया गया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें संबंधित पद मिलने का येदियुरप्पा से कोई लेना-देना नहीं है।
विजयेंद्र ने कहा, ‘‘विधानसभा चुनाव (मई 2023) के छह महीने बाद मुझे पार्टी अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया गया। निर्णय लेने से पहले बहुत सोच-विचार की प्रक्रिया अपनाई गई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह कहने में गर्व की अनुभूति होती है कि मैं येदियुरप्पा का बेटा हूं। आज मेरे कैडर मुझे अध्यक्ष के रूप में देखकर प्रसन्न हैं। मैं पूरे राज्य का दौरा कर रहा हूं। मेरी पार्टी ने मुझे पिछले 12 साल के मेरे प्रदर्शन और पार्टी के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को देखते हुए संबंधित पद पर नियुक्त किया है। मुझे केवल इसलिए नहीं चुना गया है कि मैं येदियुरप्पा का बेटा हूं। हर किसी को यह बात समझनी चाहिए।’’
विजयेंद्र ने कहा कि जब केंद्रीय नेतृत्व ने उनकी नियुक्त कर दी है तो बार-बार इस मुद्दे पर चर्चा करना पार्टी के लिए ठीक नहीं है।
यह पूछे जाने पर कि क्या लोकसभा चुनाव में राज्य में भाजपा की पूर्ण जीत सुनिश्चित होने से उन्हें मजबूती मिलेगी, विजयेंद्र ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ संसदीय चुनाव या अगले जिला पंचयात चुनाव तक सीमित नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा उद्देश्य कर्नाटक में अपनी पार्टी का आधार बढ़ाना है। क्योंकि एक समय यह दक्षिणी राज्यों में भाजपा का गढ़ था, लेकिन किसी वजह से हमने वह जगह खो दी है। इसलिए पार्टी अध्यक्ष के रूप में मेरा प्राथमिक उद्देश्य पूरे कर्नाटक में अपनी पार्टी आधार को मजबूत करना है, खासकर पुराने मैसूर क्षेत्र और हैदराबाद (कल्याण) कर्नाटक में।’’
प्रदेश भाजपा प्रमुख ने कहा कि आलाकमान वरिष्ठ नेता ईश्वरप्पा के खिलाफ कार्रवाई करने पर फैसला करेगा, जिन्होंने पार्टी के खिलाफ बगावत कर दी है और उनके भाई बी वाई राघवेंद्र के खिलाफ शिमोगा से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सांसद राघवेंद्र विकास के लिए जाने जाते हैं और वह दो लाख से अधिक मतों के अंतर से जीतेंगे।
प्रदेश भाजपा प्रमुख ने कहा कि अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहे हैं।
भाषा नेत्रपाल