कराड को मुठभेड़ में ढेर करने की पेशकश मिलने का दावा करने वाला निलंबित पुलिसकर्मी बर्खास्त
धीरज अविनाश
- 18 Apr 2025, 07:44 PM
- Updated: 07:44 PM
मुंबई, 18 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के बीड में निलंबित पुलिस उपनिरीक्षक रंजीत कासले को बर्खास्त कर दिया गया है। कासले ने दावा किया था कि उसे सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड को ‘‘मुठभेड़’’ में ढेर करने की पेशकश की गई थी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
एक अधिकारी ने बताया कि बर्खास्तगी के बाद बीड जिले की शिवाजी नगर पुलिस ने शुक्रवार को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज एक मामले में कासले को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने एक सक्षम प्राधिकारी के तौर पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2) (बी) के तहत कासले के खिलाफ यह कार्रवाई की है। इस अनुच्छेद के तहत सरकार किसी भी सरकारी कर्मचारी को बिना जांच के बर्खास्त कर सकती है।
बर्खास्त पुलिसकर्मी अपने खिलाफ जारी आदेश के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है।
कासले ने सनसनीखेज दावा किया था कि उसे मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के मुख्य आरोपी कराड की हत्या के लिए मोटी रकम की पेशकश की गई थी।
बीड जिले के मासाजोग गांव के सरपंच देशमुख को पिछले साल नौ दिसंबर को एक ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली की कोशिश को रोकने का प्रयास करने पर अगवा कर लिया गया था और उन्हें यातनाएं देकर मार डाला गया था।
कराड उन आठ आरोपियों में शामिल हैं जिन पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।
कालसे ने बृहस्पतिवार की रात पुणे हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में अपना दावा दोहराया कि उसे कराड को मुठभेड़ में खत्म करने की सुपारी दी गई थी।
कालसे को पहले ही निलंबित कर दिया गया था और उसके खिलाफ प्राथमिकी जांच (पीई) चल रही थी।
कालसे के खिलाफ दो अप्रैल को सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
गिरफ्तारी से बचने के दौरान उसने सोशल मीडिया पर सनसनीखेज दावे करते हुए वीडियो पोस्ट किए थे, लेकिन इन दावों को पुलिस अधिकारियों ने बार-बार खारिज किया।
अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में एक वीडियो में उसने अपने खिलाफ दर्ज मामले के सिलसिले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि उसे शुक्रवार को बीड के एक होटल से हिरासत में लिया गया था।
कासले से बृहस्पतिवार को पुणे में संवाददाताओं ने जब पूछा कि क्या उसके पास अपने दावे के समर्थन में सबूत हैं, तो उसने कहा कि जो लोग इस तरह की पेशकश करते हैं, वे बंद दरवाजों के पीछे ऐसा करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई सुराग पीछे न छूट जाए।
कासले ने यह भी कहा कि उसने ‘‘मुठभेड़’’ की पेशकश को अस्वीकार दिया क्योंकि अगर कराड मामले में दोषी है तो कानून को उसे दंडित करना चाहिए। कासले ने यह भी दावा किया था कि उसे ‘‘अपहरण करके कोल्हापुर के बारसी ले जाया गया’’ और ‘‘मतदान के दिन उसकी ड्यूटी बदल दी गई’’। उसने दावा किया कि एक पूर्व मंत्री से जुड़ी कंपनी से उसके खाते में 10 लाख रुपये अंतरित किए गए थे।
भाषा धीरज