सोनिया, राहुल ने धोखे से ‘नेशनल हेराल्ड’ पर कब्जा किया, पैसे कमाए: हिमंत
आशीष माधव
- 16 Apr 2025, 08:18 PM
- Updated: 08:18 PM
(फाइल फोटो के साथ)
गुवाहाटी, 16 अप्रैल (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल ने ‘नेशनल हेराल्ड’ के स्वामित्व वाली गैर-लाभकारी कंपनी को धोखाधड़ी से अपने कब्जे में ले लिया और पैसे कमाए।
शर्मा ने कहा कि अंतत: वे साधारण कांग्रेस कार्यकर्ता हारे हैं, जो जीर्ण-शीर्ण पार्टी कार्यालयों में मेहनत करते रहे जबकि उनके नेता ‘‘2,000 करोड़ रुपये’’ का आनंद लेते रहे।
शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘नेशनल हेराल्ड कंपनी में 50 लाख रुपये की शुरुआती पूंजी थी। कंपनी को गांधी परिवार द्वारा धोखाधड़ी से अपने कब्जे में लेने के बाद अचानक इसकी कुल संपत्ति 2,000 करोड़ रुपये हो गई। इतना ही नहीं, यह धारा नौ के तहत आने वाली कंपनी है, जहां मुनाफा कमाने पर प्रतिबंध है। लेकिन वे मुनाफा कमा रहे थे।’’
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी अक्सर उद्योगपति गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी पर बहुत ज्यादा संपत्ति बनाने का आरोप लगाते हैं। शर्मा ने कहा, ‘‘मेरा सवाल यह है कि एक राजनीतिक परिवार से होने के नाते, आपने 50 लाख रुपये को 2,000 करोड़ रुपये में बदलने के लिए ये व्यापारिक तरकीबें कहां से सीखीं? अगर आप हमें यही फॉर्मूला सिखा दें, तो कम से कम मैं असम की तकदीर बदल सकता हूं।’’
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथा अन्य के खिलाफ एक विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें उन पर कथित तौर पर 988 करोड़ रुपये के धनशोधन का आरोप लगाया गया है।
आरोपपत्र के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के साधारण कार्यकर्ताओं को यह एहसास नहीं है कि उनके नेताओं ने खूब पैसा कमाया है और वे भ्रष्टाचार में आकंठ लिप्त हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मांग करनी चाहिए कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी 2,000 करोड़ रुपये जनता को लौटाएं। क्या आपने कांग्रेस पार्टी कार्यालयों की स्थिति देखी है? कम से कम इन 2,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल पार्टी कार्यालयों के नवीनीकरण के लिए किया जा सकता था।’’
शर्मा ने यह भी कहा कि लोगों को यह एहसास नहीं है कि गांधी परिवार ‘‘पैसा कमा रहा है’’ और आम गरीब कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उन पर तरस आता है। मुझे कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं से सहानुभूति है। राहुल गांधी हमेशा कहते हैं कि उन्हें भ्रष्टाचार पसंद नहीं है और वह इसके खिलाफ लड़ते हैं। अब, मां और बेटे दोनों को अदालत में पेश होना चाहिए, ईडी के आरोपों का जवाब देना चाहिए और खुद को निर्दोष साबित करना चाहिए।’’
भाषा आशीष