ईडी को भंग कर देना चाहिए, आर्थिक अपराधों की जांच के लिए अन्य एजेंसियां हैं: अखिलेश यादव
देवेंद्र माधव
- 16 Apr 2025, 08:41 PM
- Updated: 08:41 PM
भुवनेश्वर, 16 अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भंग कर देना चाहिए, क्योंकि आर्थिक अपराधों की जांच के लिए अन्य एजेंसियां भी हैं।
पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर जाते समय भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो उसने प्रवर्तन निदेशालय बनाया था और अब उसे इसी एजेंसी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस द्वारा इस जांच एजेंसी के खिलाफ किए गए देशव्यापी प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं नेशनल हेराल्ड के बजाय ईडी पर बोलना चाहूंगा। कांग्रेस ने ईडी को बनाया और अब उसी संगठन के कारण वह मुश्किल में है। मैंने पहले एक बहुत वरिष्ठ पत्रकार से कहा था कि आर्थिक अपराधों की जांच के लिए आयकर विभाग जैसी कई संस्थाएं हैं। इसलिए ईडी की कोई जरूरत नहीं है। इसे भंग कर देना चाहिए।’’
यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी जैसी एजेंसियों का अंधाधुंध इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने दावा किया, ‘‘महाराष्ट्र में ऐसा कोई गैर-भाजपा नेता नहीं है जिसे ईडी, सीबीआई या आयकर विभाग से धमकी न मिली हो।’’
प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथा अन्य के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप-पत्र दायर किया है, जिसमें उन पर 988 करोड़ रुपये के धनशोधन का आरोप लगाया गया है।
हवाई अड्डे से यादव कांग्रेस नेता श्रीकांत जेना के आवास पर गए, जिससे यह अटकलें लगाई जाने लगीं कि पूर्व केंद्रीय मंत्री समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यादव और जेना दोनों ने इन अटकलों को खारिज कर दिया।
यादव ने कहा, ‘‘हम समान विचारधारा वाले विभिन्न दलों के नेताओं से मिल रहे हैं जो सामाजिक न्याय के लिए काम करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बाबासाहेब आंबेडकर के समानता, सम्मान और समावेशिता के सपने को पूरा करने के लिए मैं यहां जेना से मिलने आया हूं, जो धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक हैं। आंबेडकर के सपने के साथ सपा का लक्ष्य ओडिशा में विस्तार करना है।’’
जेना ने कहा कि यादव से मुलाकात का मतलब यह नहीं है कि वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
जेना ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस में हूं और आगे भी इसमें बना रहूंगा। वह हमारे ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा हैं। हम देश में सामाजिक न्याय के लिए काम करने का संकल्प लेते हैं।’’
यादव ने कहा कि वह परिसीमन के मुद्दे पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन समेत दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के रुख का पूर्ण समर्थन करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘देश में जाति आधारित गणना के बाद परिसीमन किया जाना चाहिए।’’
यादव ने दावा किया कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार किसी विशिष्ट फार्मूले के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी सुविधानुसार परिसीमन की प्रक्रिया अपना सकती है, जैसा कि जम्मू-कश्मीर में किया गया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘डबल इंजन’ शासन मॉडल की सफलता के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दोनों इंजन अलग-अलग लाइन में चल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं नहीं जानता कि ओडिशा में क्या हो रहा है। राज्य और केंद्र में समन्वित शासन अपने अपेक्षित लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाया है।’’
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर हुई हिंसा पर भाजपा के आरोपों पर यादव ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी राज्य की मुख्यमंत्री हैं और मेरा मानना है कि कोई भी मुख्यमंत्री अपने राज्य में अशांति पैदा करना पसंद नहीं करेगी।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मैं आपको एक हकीकत बताता हूं। कन्नौज और उत्तर प्रदेश के कुछ अन्य स्थानों पर भाजपा के सदस्यों ने मंदिरों में मांस रखा और दंगे किए। भाजपा लोगों के बीच वैमनस्य पैदा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।’’
इसके बाद यादव पुरी के लिए रवाना हो गए, जहां वे 12वीं शताब्दी के जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करेंगे।
प्रदेश भाजपा ने यादव की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों को उत्तर प्रदेश में उनका पांच साल का शासन याद है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा, ‘‘अखिलेश यादव की सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में कानून का राज नहीं था। गुंडे, असामाजिक और भ्रष्ट लोग राज कर रहे थे। इसलिए लोगों ने उन्हें नकार दिया है।’’
भाषा
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