विपक्ष ने आंबेडकर के नाम का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए किया: भाजपा मंत्री
नोमान माधव
- 14 Apr 2025, 07:12 PM
- Updated: 07:12 PM
नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने सोमवार को विपक्ष पर डॉ. बी.आर. आंबेडकर की विरासत या उनके द्वारा निर्धारित संवैधानिक ढांचे का सम्मान किए बिना राजनीतिक लाभ के लिए उनके नाम का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
कुमार ने डॉ. आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर ‘पीटीआई वीडियो’ से बात करते हुए ने कहा, "विपक्ष ने जीवन भर केवल बाबासाहब के नाम का इस्तेमाल किया है। उन्होंने न तो उनका दर्द साझा किया और न ही उनकी विरासत से जुड़े स्थानों को विकसित करने के लिए काम किया।"
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा, "आज वे संविधान की प्रतियां लेकर घूमते हैं, लेकिन जब वे सत्ता में थे, तो उन्होंने कई बार इसका उल्लंघन किया। उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए संविधान संशोधन के माध्यम से आपातकाल भी लगाया।"
पचास प्रतिशत आरक्षण सीमा पर बहस पर कुमार ने कहा, "इंदिरा साहनी मामले में 50 प्रतिशत की सीमा उच्चतम न्यायालय ने तय की थी। वे (विपक्ष) जो चाहें कह सकते हैं, आप किसी को बयान देने से नहीं रोक सकते। लेकिन राय देना एक बात है और उच्चतम न्यायालय के फैसले का सम्मान करना पूरी तरह से अलग बात है।"
उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी के जवाब में थी जिसमें उन्होंने कहा था कि आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाया जा सकता है।
कुमार ने कहा कि आरक्षण सीमा में किसी भी बदलाव के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता होगी जिसके लिए संसद के दोनों सदनों की मंजूरी के साथ ही राष्ट्रपति की स्वीकृति भी चाहिए होगी।
उन्होंने कहा, "भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने संविधान को सर्वोच्च सम्मान दिया है। संविधान इस देश की आत्मा है।"
कुमार ने कहा कि आंबेडकर ने संविधान को इतना कठोर नहीं बनाया कि उसमें संशोधन न किया जा सके।... न ही इतना कमजोर कि उसे पूरी तरह बदला जा सके। उन्होंने न्याय और एकता के लिए एक जीवंत दस्तावेज बनाया।"
मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार बाबासाहब के दर्शन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की अवधारणा के साथ आगे बढ़ रही है, तथा समाज के सबसे पिछड़े और कमजोर वर्गों का उत्थान सुनिश्चित कर रही है।"
कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया, लेकिन विपक्ष जब 56 वर्ष तक सत्ता में था तो आयोग को यह दर्जा नहीं दे सका।
मंत्री ने कहा कि बाबासाहब के जीवन से संबंधित 'पंच तीर्थ' को प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया गया है।
कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग संविधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल उठा रहे हैं, वे खुद सत्ता में रहते हुए इसे कमजोर करने के दोषी हैं।
संविधान के प्रमुख निर्माताओं में से एक को श्रद्धांजलि देते हुए कुमार ने कहा, "एक छोटे परिवार में जन्मे बाबासाहब ने भारी अपमान और भेदभाव सहा। इसके बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की और सवाल उठाया कि हमारे देश में भेदभाव क्यों है।"
भाषा नोमान