बंगाल: टीएमसी विधायक ने मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा की निंदा की, कहा ‘सभी को शांति से रहने का अधिकार’
जितेंद्र रंजन
- 13 Apr 2025, 06:18 PM
- Updated: 06:18 PM
कोलकाता, 13 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक हुमायूं कबीर ने रविवार को मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन की निंदा की और कहा कि ये हमले इस्लाम की भावना के खिलाफ हैं।
मुर्शिदाबाद में हुए हिंसक प्रदर्शनों में तीन लोगों की मौत हो गई थी।
मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर से विधायक कबीर ने हिंसा में शामिल अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए यह भी कहा कि प्रत्येक नागरिक को, फिर चाहे उसकी धार्मिक मान्यताएं कुछ भी हों, बिना किसी भय के शांतिपूर्वक रहने का अधिकार है।
मुर्शिदाबाद जिले के सुती और शमशेरगंज ब्लॉक में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन में एक व्यक्ति और उसके बेटे सहित कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए।
शुक्रवार को हिंसा शुरू होने के बाद से सैकड़ों लोग इन इलाकों से पलायन करने लगे हैं।
कबीर ने कहा, “यह हमारे देश में स्वीकार्य नहीं है। हर नागरिक को, फिर चाहे उसकी धार्मिक मान्यताएं कुछ भी हों, बिना किसी डर के शांतिपूर्वक तरीके से रहने का अधिकार है। ये हमले निंदनीय हैं और इस्लाम की भावना के खिलाफ हैं।”
उन्होंने कहा, “प्रशासन को सभी उपद्रवियों को पकड़कर बाहर निकालना चाहिए और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। शांति बहाल होनी चाहिए।”
विधायक ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों और सांसदों को इस समय हिंसा के पीड़ितों के साथ खड़ा होना चाहिए तथा शांति सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए ताकि बिना किसी गलती के अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग वापस लौट सकें।
कबीर ने शनिवार को कहा कि हिंसा को रोकने के लिए पुलिस को शुरुआती चरण में अधिक सक्रिय होना चाहिए था।
विधायक ने यह भी कहा था कि जरूरी नहीं कि हिंसा कानून के वैचारिक विरोध से प्रेरित हो।
कबीर ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम का सार्वजनिक रूप से विरोध किया था और इसके खिलाफ कानूनी कदम उठाने का संकेत दिया था।
उन्होंने दावा किया, “जो लोग तोड़फोड़ कर रहे थे और लोगों पर हमला कर रहे थे, वे मूल रूप से गुंडे थे, न कि वे लोग जो हाल ही में संसद में पारित कानून का वास्तव में विरोध कर रहे थे।”
कबीर ने कहा कि शुक्रवार को जिले में हिंसा भड़कने के कारण पुलिस वैन समेत कई वाहनों को आग लगा दी गई, दुकानों और घरों में तोड़फोड़ की गई, सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया और सड़कें जाम कर दी गईं।
हिंसा प्रभावित इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और इंटरनेट सेवा बंद कर दी गयी है।
मुर्शिदाबाद के हिंसा प्रभावित सूती, धुलियान और शमशेरगंज इलाकों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को तैनात किया गया है।
पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में शनिवार रात तक 150 लोगों को गिरफ्तार किया।
भाषा जितेंद्र