अमेरिकी शुल्कों का भारतीय अर्थव्यवस्था पर मामूली प्रभाव पड़ेगा: भाजपा
सिम्मी संतोष
- 12 Apr 2025, 09:17 PM
- Updated: 09:17 PM
नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्कों के कारण दुनिया भले ही चिंतित है लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर बनी हुई है और इसपर इस शुल्क का संभवत: मामूली असर पड़ेगा।
भाजपा प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि मुद्रा योजना से एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र को बहुत लाभ हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘ट्रंप द्वारा लगाए शुल्क को लेकर दुनिया भर में वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता और अनिश्चितता है। हर देश इन शुल्क के प्रभाव और इस बात को लेकर चिंतित है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था किस दिशा में जाएगी - क्या यह सिमट जाएगी या इसका विकास रुक जाएगा। इन सबके बीच, भारत एकमात्र ऐसा देश है जो वैश्विक मंच पर एक मजबूत, स्थिर और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर है और इस पर इसका असर बहुत कम होगा। वह इस झटके को झेल लेगी और इसे आगे बढ़ने के अवसर के रूप में इस्तेमाल करेगी।”
इस्लाम ने कहा, ‘‘अगर आप आंकड़ों को देखें, तो ये भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं- चाहे वह मजबूत पूंजीगत व्यय हो या सतत विकास की लय हो।’’
प्रवक्ता ने कहा कि 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आर्थिक बदलाव पर काम कर रहे हैं।
इस्लाम ने कहा, ‘‘उनके शुरुआती कदमों में से एक कदम लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के लिए जन धन योजना शुरू करना था। आज, 53 करोड़ से अधिक लोग इस योजना से जुड़े हैं और उनमें से लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद उन्होंने मुद्रा योजना शुरू की, जो अब छोटे व्यवसायों और उद्यमिता को समर्थन देने के लिए एक वैश्विक मॉडल बन गई है।’’
इस्लाम ने कहा कि 2014 से पहले इस क्षेत्र ने अर्थव्यवस्था में लगभग 15 प्रतिशत का योगदान दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘आज यह बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया है। उल्लेखनीय रूप से मुद्रा ऋण खातों में से 50 प्रतिशत अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उद्यमियों के हैं। ये उन लोगों को सशक्त बना रहे हैं जिन्हें लंबे समय से वंचित रखा गया था।’’
इस्लाम ने तमिलनाडु के वन मंत्री के. पोनमुडी की कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर हमला भी बोला।
उन्होंने कहा, ‘‘तमिलनाडु की द्रमुक सरकार न केवल भ्रष्टाचार में लिप्त है बल्कि सनातन धर्म, वक्फ बोर्ड, परिसीमन और भाषा विवाद जैसे मुद्दों को लगातार उठाकर अपने कुकर्मों से ध्यान हटाने और समाज को विभाजित करने का प्रयास कर रही है।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘तमिलनाडु के वन मंत्री के. पोनमुडी द्वारा हिंदू धर्म, संतों और हिंदी भाषी समुदाय के खिलाफ दिया गया बयान आपत्तिजनक है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह अहंकार और शेखी बघारना केवल उनकी विफलताओं को छिपाने का एक प्रयास है। उन्होंने वैष्णव और शैव, दोनों का अपमान किया है और हिंदी भाषियों को 'पानी पूरी बेचने वाले' कहकर अपमानजनक टिप्पणी की है। उन्होंने बार-बार सनातन धर्म का अपमान किया है।”
इस्लाम ने कहा कि पोनमुडी ने सनातन धर्म का ‘‘बार-बार अपमान’’ किया, लेकिन द्रमुक ने उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि हालांकि, जब अमित शाह ने भाजपा-अन्नाद्रमुक (ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कषगम) गठबंधन की घोषणा की, तो द्रमुक ने एक मंत्री को पार्टी में एक पद से तुरंत हटा दिया।
इस्लाम ने कहा, ‘‘हम दृढ़ता से मांग करते हैं कि के. पोनमुडी को उनके मंत्री पद से तुरंत हटाया जाए।’’
उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता संविधान को अपनी जेब में रखते हैं, लेकिन इसके प्रावधानों का पालन नहीं करते।
भाषा सिम्मी