शैववाद-वैष्णववाद पर टिप्पणी के बाद द्रमुक मंत्री को पार्टी के अहम पद से हटाया गया
संतोष नेत्रपाल
- 11 Apr 2025, 03:03 PM
- Updated: 03:03 PM
चेन्नई, 11 अप्रैल (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता और तमिलनाडु के मंत्री के. पोनमुडी को शुक्रवार को शैववाद और वैष्णववाद को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों के कारण उठे विवाद के बाद पार्टी के अहम पद से हटा दिया गया। इस टिप्पणी की द्रमुक सांसद कनिमोझी सहित कई लोगों ने आलोचना की थी।
द्रमुक अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने घोषणा की कि पोनमुडी को पार्टी के उपमहासचिव पद से मुक्त किया जा रहा है।
स्टालिन ने एक बयान में यह घोषणा की, लेकिन उन्होंने इस कार्रवाई के लिए कोई कारण नहीं बताया।
उन्होंने पोनमुडी की जगह राज्यसभा सदस्य तिरुचि शिवा को नियुक्त किया है।
यह कदम मंत्री की स्पष्ट रूप से विवाद पैदा करने वाली टिप्पणियों के तुरंत बाद उठाया गया। विपक्षी भाजपा ने पोनमुडी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।
मंत्री द्वारा देह व्यापार के संदर्भ में कथित टिप्पणी किए जाने का वीडियो वायरल हो गया। घटनाक्रम पर राज्य के वन मंत्री पोनमुडी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
भाजपा की तमिलनाडु इकाई के उपाध्यक्ष नारायणन तिरुपति ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मंत्री पोनमुडी का अपने पद पर बने रहना शर्मनाक है....मुख्यमंत्री स्टालिन, क्या आप पोनमुडी की गिरफ्तारी का आदेश देंगे?’’
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी टिप्पणियों से तमिलनाडु की महिलाओं को बदनाम किया है।
कनिमोझी ने भी अपनी पार्टी के सदस्य पर निशाना साधा। कनिमोझी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मंत्री पोनमुडी का हालिया भाषण स्वीकार्य नहीं है। चाहे जिस कारण से उन्होंने बोला हो, लेकिन ऐसे अश्लील शब्द निंदनीय हैं।’’ तिरुपति ने कनिमोझी द्वारा पोनमुडी की आलोचना किए जाने का स्वागत किया।
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई ने कहा, ‘‘तमिलनाडु में राजनीतिक विमर्श का यही द्रमुक का मानक है।’’ उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘थिरु पोनमुडी कभी तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री थे और अब वन एवं खादी मंत्री हैं, तथा तमिलनाडु के युवाओं से इस गंदगी को बर्दाश्त करने की उम्मीद की जाती है? सिर्फ यह मंत्री ही नहीं, द्रमुक का पूरा पारिस्थितिकी तंत्र अश्लील, अपशब्द बोलने वाला और असभ्य है...।’’
अन्नामलाई ने कहा कि आज उन्हें पार्टी के पद से हटाकर अगर द्रमुक सोचती है कि लोग इसे नजरअंदाज कर देंगे, तो ‘‘वे दुखद रूप से गलत हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हिंदू धर्म के स्तंभों पर द्रमुक के लगातार हमले हमेशा के लिए अनुत्तरित नहीं रहेंगे। थिरु और एमके स्टालिन, हमारी चुप्पी को कमज़ोरी मत समझिए।’’
पोनमुडी ने पहले उत्तर भारतीयों को ‘पानी पूरी’ बेचने से जोड़कर विवाद खड़ा किया था।
उन्होंने कहा था कि जो लोग कहते हैं कि हिंदी सीखने वालों के लिए नौकरियां उपलब्ध होंगी वे बताएं कि शहर (कोयंबटूर) में अभी ‘पानी पूरी’ कौन बेच रहा है? उनके इस कटाक्ष को इस व्यवसाय में शामिल मुख्य रूप से हिंदी भाषी विक्रेताओं के स्पष्ट संदर्भ में देखा गया था।
भाषा संतोष