अमेरिका की शुल्क नीति के कारण भारत के सामने निर्यात बढ़ाने के अवसर : गडकरी
हर्ष राजकुमार अनुराग
- 10 Apr 2025, 08:28 PM
- Updated: 08:28 PM
इंदौर (मध्यप्रदेश), 10 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिका की शुल्क नीति के कारण भारत के सामने दुनिया भर में अपना निर्यात बढ़ाने के अवसर पैदा हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार देश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करते हुए लॉजिस्टिक्स (माल के परिवहन एवं आपूर्ति का काम) खर्च घटाने की कोशिश कर रही है ताकि निर्यात के बाजार में चीन जैसे देशों को टक्कर दी जा सके।
गडकरी ने इंदौर से करीब 30 किलोमीटर दूर पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में करीब 1,200 करोड़ रुपये की मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क परियोजना के जारी निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
इसके बाद उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, “आपको पता है कि आज दुनिया में किस तरह की बातें हो रही हैं। अब अमेरिका ने जिस प्रकार के शुल्क लगाए हैं, उसके कारण हमारे सामने कई अवसर भी हैं कि हम आने वाले समय में दुनिया भर के देशों में अपना निर्यात बढ़ा सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत में लॉजिस्टिक्स का खर्च 14 से 16 प्रतिशत है, जबकि चीन में यह आठ प्रतिशत और अमेरिका और यूरोप के देशों में 12 प्रतिशत के स्तर पर है।
गडकरी ने कहा, “चीन के मुकाबले भारत का लॉजिस्टिक्स खर्च करीब आठ प्रतिशत ज्यादा होने से हम निर्यात के मोर्चे पर प्रतिस्पर्धी नहीं बन पाते हैं।”
उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स खर्च घटाने के लिए देश भर में लॉजिस्टिक्स पार्क, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
गडकरी ने कहा कि पीथमपुर में 255 एकड़ में फैले मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के पहले चरण का निर्माण कार्य डेढ़ से दो साल में काम पूरा होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि इस पार्क से पश्चिमी मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल में आयात-निर्यात को बल मिलेगा, लॉजिस्टिक्स खर्च घटेगा और आर्थिक तरक्की होगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश का 40 प्रतिशत जैविक उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है और राज्य के कुल जैविक उत्पादन में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले मालवा-निमाड़ अंचल की है।
गडकरी ने पीथमपुर के मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क में ‘रेलवे साइडिंग’ के काम की नींव भी रखी। इसके तहत इस पार्क को रेलवे लाइन के जरिए करीब सात किलोमीटर दूर स्थित सागौर रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस रेल लाइन के जरिये मालवा-निमाड़ अंचल के किसानों की उपज मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह और गुजरात के कांडला और मुंद्रा के बंदरगाहों तक कम खर्च और समय में पहुंच सकेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार से जरूरी अनुमतियां लेकर ऐसी व्यवस्था भी की जाएगी कि पीथमपुर के मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क में ही कंटेनरों की पूरी जांच हो जाए और इन्हें रेलवे लाइन के जरिए सीधे बंदरगाहों तक पहुंचा कर जहाजों में लादा जा सके।
गडकरी ने कहा, “यह एक तरह से ऐसी बात है कि मुंबई का समुद्र पीथमपुर आ जाएगा।”
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नर्मदा और अन्य बड़ी नदियों पर जल मार्ग बनाकर माल का परिवहन किए जाने की संभावनाएं हैं, जिससे सूबे में आर्थिक रफ्तार को बल मिलेगा।
भाषा हर्ष राजकुमार