संसद ने विमानन परिसंपत्तियों से जुड़े विवाद के समाधान के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दी
हक सुरेश पवनेश
- 03 Apr 2025, 09:11 PM
- Updated: 09:11 PM
नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) संसद ने बृहस्पतिवार को विमानन क्षेत्र से जुड़े उस महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसमें विमान एवं इंजन जैसी विमानन परिसंपत्तियों की वसूली को लेकर विमानन कंपनियों एवं पट्टा देने वालों के बीच विवादों का समाधान अंतरराष्ट्रीय संधि के अनुसार करने का प्रावधान है।
नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू द्वारा ‘वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण विधेयक, 2025’ पर चर्चा का जवाब दिए जाने के बाद लोकसभा ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी दी।
राज्यसभा ने बीते मंगलवार को विधेयक को स्वीकृति प्रदान की थी।
नायडू ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि 2014 के बाद देश में विमान यात्रियों की संख्या दोगुनी तो हुई ही है, हवाई अड्डों की संख्या भी दोगुनी से अधिक हो गयी है।
उन्होंने कहा कि देश के विमान क्षेत्र में कई उतार चढ़ाव आए जिनमें कोविड काल भी शामिल है, लेकिन देश ने इस पर काबू पा लिया। उन्होंने कहा कि 2001 में दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन कंवेंशन में विमानन सेवा के लिए भी एक अंतरराष्ट्रीय संधि को मंजूरी दी गयी, लेकिन उस वक्त भारत इसका हिस्सा नहीं था।
नायडू ने कहा कि समय के साथ विमानन क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों के बाद इस कंवेंशन के अनुरूप कानून बनाने की जरूरत महसूस की गयी और यह विधेयक इसी का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि उड़ान योजना के तहत देश ने काफी विकास किया है और देश के विभिन्न हिस्सों में हवाई अड्डे बनाये गये। उन्होंने कहा कि देश के हर हिस्से में इस योजना को बढ़ाये जाने की मांग को देखते हुए सरकार ने इसे 10 साल और बढ़ाये जाने के संकेत दिये हैं।
उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र का जिस गति से विकास हो रहा है उसे देखते हुए देश में बड़ी संख्या में कमर्शियल पायलट की आवश्यकता होगी, लेकिन देश में हर साल केवल 1600 कमर्शियल पायलट ही तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसे बढ़ाने के प्रयास किये जाने की जरूरत होगी।
लोकसभा में विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद एमके विष्णु प्रसाद कहा कि विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए ताकि किरायों पर नियंत्रण रहे।
उनका कहना था विधेयक के पारित होने के बाद यह सुनिश्चित होना चाहिए कि हवाई किराये कम हो। उन्होंने कहा कि आज हालत यह कि लोगों को हवाई किराये के कारण मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा के राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि विमानों को लीज पर देने का कारोबार लगभग 15 लाख करोड़ रुपये का है और इस बात को ध्यान में रखना होगा।
उन्होंने कहा कि छोटे शहरों में फ्लाइट ट्रेनिंग संस्थान की शुरुआत होनी चाहिए।
रूडी ने कहा कि बिहार के लोगों को सही मायनों में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मिलना चाहिए।
समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र मुरादाबाद को हवाई संपर्क से जोड़ने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र के विनिर्माण में स्थानीय इकाइयों को तरजीह मिलनी चाहिए।
विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए जद-यू के रामप्रीत मंडल ने पूर्णिया में हवाई अड्डा चालू करने की मांग की।
राकांपा (एसपी) की सुप्रिया सुले ने विमान टिकट को किफायती बनाये जाने के लिए विमानन क्षेत्र के नियमन की आवश्यकता जताई।
शिवसेना के नरेश गणपत म्हस्के, कांग्रेस के राधाकृष्ण, भाजपा के दर्शन सिंह चौधरी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ईटी मोहम्मद बशीर और जनसेना के टी उदय श्रीनिवास ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।
राष्ट्रीय लोकदल के राजकुमार सांगवान ने मेरठ को स्वतंत्रता आंदोलन की क्रांति धारा और चौधरी चरण सिंह की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि बताते हुए वहां भी हवाई अड्डा बनाये जाने की मांग की।
केरल कांग्रेस के फ्रांसिस जॉर्ज, रालोपा के हनुमान बेनीवाल, भाजपा के रवि किशन, विजय कुमार दुबे एवं जगदंबिका पाल, द्रमुक के एम कथिर आनंद और कांग्रेस के के. सुरेश ने चर्चा में हिस्सा लिया।
भाषा हक सुरेश
हक सुरेश