रुपया शुरुआती नुकसान से उबरा, 22 पैसे चढ़कर 85.30 प्रति डॉलर पर
राजेश राजेश अजय
- 03 Apr 2025, 09:18 PM
- Updated: 09:18 PM
मुंबई, तीन अप्रैल (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बृहस्पतिवार को रुपया अपने शुरुआती नुकसान से उबरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे के उछाल के साथ 85.30 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। ऐसा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा करीब 60 देशों पर जवाबी शुल्क लगाने के बाद विश्व की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के कमजोर होने के कारण हुआ।
शुरुआती कारोबार में घरेलू मुद्रा को झटका लगा लेकिन जल्द ही इसने अपनी खोई जमीन फिर हासिल कर ली और दिन के अंत में यह सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ। अमेरिका ने भारत पर 27 प्रतिशत जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा करते हुए कहा कि भारत, अमेरिकी वस्तुओं पर उच्च आयात शुल्क लगाता है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। भारत के प्रतिद्वंद्वी देशों को अधिक ऊंचे शुल्क का सामना करना पड़ रहा है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बृहस्पतिवार को रुपया 85.77 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 85.30 के उच्चस्तर और 85.78 प्रति डॉलर के निचले स्तर को छूने के बाद कारोबार के अंत में 85.30 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो कल के बंद भाव के मुकाबले 22 पैसे का उछाल है।
बुधवार को रुपया 85.52 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक, दिलीप परमार ने कहा कि अमेरिका में संभावित मंदी को लेकर चिंता और शुल्क के प्रभाव के बाद बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण डॉलर पर दबाव बढ़ने से सुस्त शुरुआत के बाद रुपया मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के विनिर्माण क्षेत्र में सकारात्मक विकास, निरंतर विदेशी निवेश प्रवाह और भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप की कमी ने पिछले कुछ सप्ताह में रुपये को लगातार समर्थन दिया है।’’
विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिका के जवाबी शुल्क से भारत के कुछ क्षेत्रों के अमेरिका को होने वाले निर्यात पर असर पड़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारत अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर स्थिति में है, जिसमें बांग्लादेश (37 प्रतिशत), चीन (54 प्रतिशत), वियतनाम (46 प्रतिशत) और थाइलैंड (36 प्रतिशत) शामिल हैं, जिन पर बढ़े हुए शुल्क लगे हैं।
इस बीच, बृहस्पतिवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, वाणिज्य विभाग, भारत पर अमेरिकी जवाबी शुल्कों के प्रभावों की सावधानीपूर्वक जांच कर रहा है और इस मुद्दे पर उनकी प्रतिक्रिया लेने के लिए घरेलू उद्योग और निर्यातकों सहित सभी अंशधारकों के साथ जुड़ा हुआ है।
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि वह अमेरिकी व्यापार नीति में इस नए घटनाक्रम के कारण उत्पन्न होने वाले अवसरों का भी अध्ययन कर रहा है।
इसने यह भी कहा कि पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के शीघ्र समापन के लिए भारतीय और अमेरिकी व्यापार टीमों के बीच चर्चा चल रही है।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 1.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 102.09 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 4.10 प्रतिशत लुढ़ककर 71.88 डॉलर प्रति बैरल रह गया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 322.08 अंक की गिरावट के साथ 76,295.36 अंक पर आ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 82.25 अंक की गिरावट के साथ 23,250.10 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 2,806.00 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश