उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ बोर्ड पर भूमि अतिक्रमण करने का आरोप लगाया
राजेंद्र खारी
- 03 Apr 2025, 03:03 PM
- Updated: 03:03 PM
प्रयागराज, तीन अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ बोर्ड पर बृहस्पतिवार को सीधा हमला करते हुए इस पर भूमि अतिक्रमण करने का आरोप लगाया और इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थलों पर इसका मनमाना दावा ज्यादा दिनों तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यहां श्रृंगवेरपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘आप यहां निषादराज की पौराणिक भूमि पर कब्जा देख रहे हैं ना। शहर में जगह-जगह वक्फ के नाम पर कब्जे किए गए हैं। यहां तक की कुंभ के समय भी बयान दिए गए कि कुंभ की भूमि भी वक्फ की है। हमने पूछा था- क्या वक्फ बोर्ड भू-माफिया बन गया है।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार के तहत इस तरह के अतिक्रमण हटा दिए गए हैं और माफियाओं को उत्तर प्रदेश से बाहर खदेड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘निषाद राज से जुड़ी पवित्र भूमि समेत कई जगहों पर वक्फ के नाम पर अतिक्रमण किया गया। लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उनकी आपत्तियों के बावजूद भव्य और दिव्य कुंभ मेले का आयोजन किया गया।’’
मुख्यमंत्री ने वक्फ बोर्ड की कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधायी कार्रवाई करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगाम लगाई है। इस मुद्दे को हल करने वाला एक महत्वपूर्ण विधेयक पहले ही लोकसभा में पारित हो चुका है और अब इसे राज्यसभा में भी पारित किया जाएगा।’’
वक्फ (संशोधन) विधेयक बुधवार को लोकसभा में पारित हो गया और बृहस्पतिवार को राज्यसभा में प्रस्तुत किया गया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य अब अवैध दावों को बर्दाश्त नहीं करेगा और राष्ट्रीय हित को पहले स्थान पर रखना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग राष्ट्र के प्रति वफादार हैं, वे हमेशा अपना रास्ता खोज लेंगे।’’
भगवान राम के परम सवा निषादराज गुह्य के के जन्मोत्सव पर बृहस्पतिवार को यहां भगवान राम और राजा निषादराज से जुड़ी कहानियों पर आधारित प्रदर्शनी और ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) पहल का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मत्स्य पालन मंत्री डॉ. संजय निषाद और कई विधायक शामिल हुए।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में 579 करोड़ रुपये की लागत वाली 181 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
महाकुंभ 2025 प्रयागराज की तैयारी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रशिक्षित गाइड, नाविकों और होमस्टे संचालकों को प्रशंसा प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत 1,400 मत्स्य पालकों को 20 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
उन्होंने भगवान राम और निषादराज के बीच ऐतिहासिक संबंध पर प्रकाश डाला और इसकी तुलना भाजपा और निषाद पार्टी के बीच मौजूदा राजनीतिक गठबंधन से की।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘भगवान राम और निषादराज के बीच मित्रता का यह अद्भुत संगम आज फिर देखने को मिल रहा है। वही मित्रता भाजपा और निषाद पार्टी की है।’’
उन्होंने प्रयागराज के ऐतिहासिक महत्व को बहाल करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रयागराज अब सामान्य रूप से इलाहाबाद नहीं रहा। अब यह प्रयागराज हो गया है। प्रयागराज का मतलब महामिलन स्थल। जो लोग प्रयागराज की पहचान को छिपाते थे, वे नहीं चाहते थे कि इस पौराणिक नगर को एक पहचान मिले क्योंकि उनके लिए उनका वोटबैंक महत्वपूर्ण था।’’
योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘महाकुंभ ने यहां के लोगों को देश दुनिया में पहचान और सम्मान दिलाया है। व्यक्ति को पहचान और सम्मान मिल जाए तो इससे बढ़कर कुछ नहीं होता। पूर्ववर्ती सरकारें इस पहचान को समाप्त कर रही थीं। उत्तर प्रदेश को माफियाओं को हवाले कर रही थीं और हर जिले में एक माफिया विकसित कर रही थीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वहीं डबल इंजन की सरकार अपने पूर्वजों की विरासत को भव्य रूप से पुनः स्थापित करने का कार्य कर रही है। महाकुंभ के बहाने प्रयागराज स्मार्ट सिटी से भी आगे निकल चुका है। महाकुंभ के बहाने भगवान राम और निषादराज की मित्रता आज हमारे सामने जीवंत होती हैं।’’
हाल ही में सम्पन्न महाकुंभ का उल्लेख करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि इस आयोजन ने विश्व के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है।
उन्होंने, ‘‘महाकुंभ 2025 ने देश-प्रदेश को बहुत कुछ दिया। इतना बड़ा आयोजन सनातन धर्मावलंबी और राम भक्त ही कर सकते हैं। जिनके मन में राष्ट्र के प्रति निष्ठा नहीं है, वे ही इतना बड़ा आयोजन नहीं कर सकते।’’
मुख्यमंत्री ने राज्य की मत्स्य पालन योजना की सफलता का भी उल्लेख किया, जिसके तहत करोड़ों रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले किसी को पता नहीं था कि यह पैसा कहां गया। अब इसका लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।’’
आदित्यनाथ ने प्रयागराज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलाने का श्रेय महाकुंभ को दिया। उन्होंने कहा, ‘‘पहले लोग प्रयागराज को वाराणसी के निकट वाले शहर के रूप में जानते थे। लेकिन आज दुनिया इसे महाकुंभ के लिए पहचानती है।’’
भाषा राजेंद्र