कन्नूर विस्फोट की एनआईए जांच जरूरी : कांग्रेस की केरल इकाई
सुभाष दिलीप
- 12 Apr 2024, 07:49 PM
- Updated: 07:49 PM
कन्नूर (केरल), 12 अप्रैल (भाषा) केरल में कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कन्नूर जिले में एक देसी बम बनाने के दौरान उसमें विस्फोट हो जाने की हालिया घटना की पुलिस जांच संतोषजनक नहीं है और मामले की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच कराये जाने की मांग की।
कन्नूर के पनूर में पांच अप्रैल को हुई इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी और तीन अन्य घायल हो गए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला ने पलक्कड में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एनआईए विस्फोटों और बम बनाने से जुड़ी घटनाओं की जांच करती है, इसलिए उस एजेंसी को कन्नूर विस्फोट की जांच करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘कन्नूर जिले के पनूर में हुए हालिया विस्फोट की जांच एनआईए को करनी चाहिए, क्योंकि केरल पुलिस द्वारा की जा रही जांच संतोषजनक नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि केवल एनआईए जांच ही सच को सामने ला सकती है और घटना के जिम्मेदार वास्तविक दोषियों को उजागर कर सकेगी।
चेन्नीथला ने कहा कि एनआईए जांच की मांग करने का एक और कारण यह है कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और माकपा महासचिव एम वी गोविंदन ने कथित तौर पर आरोपियों का बचाव किया है।
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि देसी बमों का इस्तेमाल यूडीएफ के खिलाफ किया जाने वाला है, क्योंकि वाम मोर्चा को लोकसभा चुनाव में शिकस्त मिलने का डर सता रहा है।
इससे पहले दिन में, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राहुल ममकूटातिल ने यहां पत्रकारों से कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराया जाना आवश्यक है कि पुलिस मामले में सबूत नष्ट न करे।
उन्होंने कहा, ‘‘बम बनाना एक गंभीर मुद्दा है।’’
मुस्लिम यूथ लीग की केरल प्रदेश समिति के महासचिव पी के फिरोज ने भी इसी तरह के विचार साझा किए।
फिरोज ने दावा किया कि पुलिस विस्फोट में घायल लोगों के स्वास्थ्य के साथ ही इस मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां भी छिपा रही है, इसलिए आशंका है कि पुलिस ने उचित जांच नहीं की है।
कन्नूर के पनूर में एक देसी बम बनाते वक्त उसमें विस्फोट होने से, लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने सत्तारूढ़ माकपा पर चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने के लिए बम बनाने की गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। हालांकि, वाम दल ने यह आरोप खारिज कर दिया है।
भाजपा और कांग्रेस ने भी यह दावा किया कि लोकसभा चुनाव लड़ रहे उनके उम्मीदवार या पार्टी कार्यकर्ता निशाने पर हैं।
इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, कई आरोपी या तो माकपा कार्यकर्ता हैं या समर्थक हैं तथा उनमें से एक ‘डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (डीवाईएफआई) का नेता भी है।
माकपा ने इससे इनकार करते हुए कहा कि बम बनाने में शामिल लोगों ने पहले भी पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया है, इसलिए उन्हें पार्टी से दरकिनार कर दिया गया था।
भाषा सुभाष