बेल्जियम यूरोपीय संघ के चुनावों में रूस के संदिग्ध हस्तक्षेप की जांच करेगा
एपी सुरेश पवनेश
- 12 Apr 2024, 07:44 PM
- Updated: 07:44 PM
ब्रसेल्स, 12 अप्रैल (एपी) बेल्जियम के प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर डी क्रू ने जून में यूरोप भर में होने वाले चुनावों में संदिग्ध रूसी हस्तक्षेप की जांच की शुक्रवार को घोषणा की और कहा कि उनके देश की खुफिया सेवा ने यूक्रेन को जारी समर्थन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे एक नेटवर्क की मौजूदगी की पुष्टि की है।
डी क्रू ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘बेल्जियम की खुफिया सेवाओं ने कई यूरोपीय देशों और यहां बेल्जियम में भी अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे रूस-समर्थित हस्तक्षेप नेटवर्क के अस्तित्व की पुष्टि की है।"
बेल्जियम फिलहाल यूरोपीय संघ का अध्यक्ष है।
डी क्रू ने कहा कि वहां रूस-समर्थित प्रभाव अभियान का खुलासा होने के बाद बेल्जियम की एजेंसियां चेक अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि यूरोपीय संसद के सदस्यों से संपर्क किया गया था और रूसी दुष्प्रचार को बढ़ावा देने के लिए धन की पेशकश की गई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी खुफिया सेवा के अनुसार मॉस्को के उद्देश्य बहुत स्पष्ट हैं। इसका उद्देश्य यूरोपीय संसद के लिए अधिक से अधिक रूसी-समर्थक उम्मीदवारों के निर्वाचन में मदद करना और इसमें (संसद में) रूस-समर्थक एक निश्चित विमर्श को मजबूत करना है।’’
डी क्रू ने कहा कि "लक्ष्य बहुत स्पष्ट है: यूक्रेन को मिलने वाले यूरोपीय समर्थन को कमजोर करने से युद्ध के मैदान में रूस को मदद मिलती है तथा पिछले हफ्तों में जो उजागर हुआ है उसका वास्तविक उद्देश्य यही है।"
यूरोपीय संघ की संसद के नये चुनाव के लिए पूरे यूरोप में छह से नौ जून तक मतदान होगा।
डी क्रू ने कहा कि बेल्जियम के अभियोजक कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बेल्जियम में पैसा नहीं बांटा जाता था, लेकिन हस्तक्षेप होता है।"
उन्होंने कहा, ''ये गंभीर चिंताएं हैं और इसीलिए मैंने कार्रवाई की है।''
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम अपने बीच इस प्रकार के रूसी खतरे की अनुमति नहीं दे सकते। हमें कार्य करने की आवश्यकता है, और हमें राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ यूरोपीय संघ के स्तर पर भी कार्य करने की आवश्यकता है।’’
उन्होंने इस बारे में कोई विवरण नहीं दिया कि संदेह के घेरे में कौन हो सकता है। बेल्जियम के अधिकारियों ने दिसंबर 2022 में यूरोपीय संसद में कतर के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक अभियान चलाये जाने का पर्दाफाश किया था। हालांकि, कतर सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया है।
एपी सुरेश