मणिपुर संघर्ष अवैध आव्रजन और मादक पदार्थों के खतरे का परिणाम : बीरेन सिंह
शुभम सुरेश
- 31 Mar 2025, 05:38 PM
- Updated: 05:38 PM
इंफाल, 31 मार्च (भाषा) मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने सोमवार को दावा किया कि राज्य में जारी संघर्ष मादक पदार्थों, अवैध आव्रजन और वनों के विनाश सहित कई चुनौतियों का परिणाम है।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में सिंह ने मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा पर भी निशाना साधते हुए उनसे पूछा कि क्या उन्हें राज्य में अवैध गांवों की संख्या में खतरनाक वृद्धि के बारे में पता है।
मई 2023 से मणिपुर में मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं तथा हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
संघर्षग्रस्त मणिपुर में नेतृत्व परिवर्तन की मांग को लेकर राज्य भाजपा के भीतर मची सुगबुगाहट के बीच एन बीरेन सिंह ने नौ फरवरी को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के कुछ घंटों के बाद ही इस्तीफा दे दिया था।
एन बीरेन सिंह के पद से इस्तीफा देने के बाद केंद्र ने 13 फरवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था।
सिंह ने कहा, "वर्तमान संकट मूलतः राजनीतिक नहीं है, बल्कि यह विभिन्न चुनौतियों के जटिल मिश्रण से उत्पन्न हुआ है, जिसमें मादक पदार्थों का खतरा, अवैध आव्रजन, वनों का विनाश और चुनिंदा समूहों द्वारा सत्ता की व्यवस्थित चाहत शामिल है।"
उन्होंने दावा किया कि स्वर्गीय पी ए संगमा ने एक बार पूर्वोत्तर को जातीय आधार पर छोटे राज्यों में विभाजित करने की वकालत की थी, जो एक खतरनाक विचार था और जिससे हमारे राष्ट्र की एकता को खतरा था।
उन्होंने कहा, "आज हम मणिपुर को अस्थिर करने के लिए राज्य के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के ऐसे ही प्रयास देख रहे हैं।"
इनर लाइन परमिट (आईएलपी) के कार्यान्वयन के माध्यम से हुई प्रगति पर सिंह ने कहा, "श्री कोनराड संगमा को यह पता होना चाहिए कि हिंसा स्वतःस्फूर्त नहीं थी; इसे उन लोगों द्वारा भड़काया गया था, जो इस तरह की प्रगति से खतरा और असुरक्षित महसूस करते हैं।"
इससे पहले पिछले साल नवंबर में कोनराड संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था और आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ सरकार संकट को हल करने और हिंसा प्रभावित राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने में विफल रही है।
भाषा
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