चरमपंथी तत्वों के तुष्टीकरण के कारण माकपा और कांग्रेस का वोट-आधार ‘ध्वस्त' हो गया है: जावड़ेकर
योगेश नरेश
- 12 Apr 2024, 12:58 PM
- Updated: 12:58 PM
(टी जी बीजू)
तिरुवनंतपुरम, 12 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रकाश जावड़ेकर ने दावा किया कि केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और विपक्षी कांग्रेस का परंपरागत वोट-आधार पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है क्योंकि ये दोनों पार्टियां राज्य में चरमपंथी तत्वों का वोट हासिल करने के लिए राज्य में तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं।
पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में भाजपा के केरल प्रभारी जावड़ेकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतंत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और माकपा के नेतृत्व वाला वाम जनतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) पूरी तरह से चरमपंथी तत्वों के एजेंडे पर चुनाव लड़ रहा हैं और वे विकास के एजेंडे को प्राथमिकता देने के बजाय नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और फलस्तीन जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसके कारण वाम दल और कांग्रेस की रीढ़ माने जाने वाले समाज के अन्य वर्ग उनसे बहुत नाराज हैं।
जावड़ेकर ने दावा किया "केरल का चुनाव प्रचार के एक बहुत ही रोमांचक चरण में प्रवेश कर गया है। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि पहले के कई समीकरण ध्वस्त हो रहे हैं। पहले यूडीएफ के लिए मुस्लिम और ईसाई मतदाता खास होते थे, जबकि माकपा के लिए एझावा और अन्य हिंदू खास थे। लेकिन इस बार समीकरण बदल गए हैं।"
उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के एजेंडे पर चुनाव लड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया "एलडीएफ और यूडीएफ दोनों भारत के विकास के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। वे नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वे फलस्तीन पर चर्चा कर रहे हैं। आज धर्मनिरपेक्षता सर्व धर्म सम भावना है और सभी धर्मों के लिए सम्मान है। लेकिन इसके बजाय वे उपदेश दे रहे हैं...उनका एजेंडा पूरी तरह से चरमपंथी तत्वों के प्रतिस्पर्धी तुष्टिकरण पर केंद्रित है।"
जावड़ेकर लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी के अभियान के लिए पिछले कई महीनों से केरल में डेरा डाले हुए हैं
उन्होंने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर लगाए गए प्रतिबंध का केरल के एक पूरे वर्ग ने स्वागत किया गया है।
उन्होंने कहा पीएफआई की राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) द्वारा लोकसभा चुनावों में सबसे पुरानी पार्टी को अपना समर्थन देने के बाद ईसाई अब कांग्रेस से नाराज हैं और वे अब नरेन्द्र मोदी जी के साथ आ रहे हैं।"
जावड़ेकर ने आरोप लगाया "एझावा समुदाय माकपा से बहुत नाराज है क्योंकि इसने पीएफआई जैसे चरमपंथी तत्वों का तुष्टीकरण शुरू कर दिया है। उनका पूरा एजेंडा चरमपंथी तत्वों का एजेंडा है। वे किस बारे में बात कर रहे हैं? वे केरल के विकास के बारे में बात नहीं कर रहे हैं।”
जावड़ेकर ने कहा कि एझावा समुदाय और अन्य वर्ग जो परंपरागत रूप से माकपा को वोट देते थे, वे अब भाजपा को वोट देने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि मोदी ने उनकी मदद की है।
पूर्व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने राज्य में विभिन्न ईसाई समूहों द्वारा विवादास्पद फिल्म "द केरल स्टोरी" के प्रसारण पर माकपा और कांग्रेस के रुख की आलोचना की और आरोप लगाया कि ये पार्टियां लोगों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप कर रही हैं।
भाषा
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