सर्दियों से पहले दिल्ली में छह नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित किए जाएंगे : सिरसा
शफीक मनीषा
- 20 Mar 2025, 05:21 PM
- Updated: 05:21 PM
(नेहा मिश्रा)
नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि सर्दियों में प्रदूषण के चरम पर पहुंचने की आशंका से निपटने के लिए व्यापक रणनीति के तहत दिल्ली सरकार अगले तीन महीनों में राष्ट्रीय राजधानी में छह नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित करेगी।
सिरसा ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘इस सर्दी में हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दिल्ली में स्वच्छ वायु वाले अधिक दिन हों। हम प्रदूषण को कम करने के लिए पहले से ही काम कर रहे हैं। हम कार्रवाई करने के लिए सर्दियों तक इंतजार नहीं करेंगे। दिल्ली की हवा को शुद्ध करने के लिए हमारा काम पहले ही शुरू हो चुका है और इसके तहत हम नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र भी स्थापित करेंगे।’’
सिरसा ने कहा, ‘‘दिल्ली में फिलहाल 40 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र हैं तथा अगले तीन महीनों में छह और केंद्र जोड़े जाएंगे, जिससे कुल संख्या 46 हो जाएगी।’’
मंत्री ने यह तो नहीं बताया कि नए निगरानी केंद्र कहां स्थापित किए जाएंगे, लेकिन उन्होंने बताया कि यह काम तीन महीने में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों से वायु गुणवत्ता के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी।
नवंबर से जनवरी तक प्रदूषण के चरम मौसम के दौरान राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर अक्सर खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। पिछले साल, एक्यूआई ने पैमाने पर अधिकतम सीमा को पार करते हुए 450 के स्तर को पार कर लिया था। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, 19 दिसंबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘‘गंभीर’’ श्रेणी में आ गई, जिसमें 24 घंटे का औसत एक्यूआई 451 दर्ज किया गया।
शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।
दिल्ली के हरित क्षेत्र को बढ़ाने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सिरसा ने घोषणा की कि वन विभाग के साथ समन्वय करके शहर में सात लाख पौधे लगाए जाएंगे।
उन्होंने इस पहल को एक जन आंदोलन बताते हुए स्कूलों, कॉलेज, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और उद्योग संघों की भागीदारी का आह्वान किया।
इसके अलावा, सिरसा ने दिल्ली के तीन बड़े कूड़े के पहाड़ (लैंडफिल) को पार्क में बदलने के प्रयासों के बारे में भी बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मार्च 2026 तक भलस्वा लैंडफिल को इस हद तक साफ कर दिया जाएगा कि वह दूर से दिखाई नहीं देगा।
सिरसा ने दावा किया कि राजधानी में बचे हुए सभी लैंडफिल को 2028 तक साफ कर दिया जाएगा।
भाषा शफीक