कंगना रनौत ने हिमाचल के मंत्री से कहा: यह आपके पूर्वजों की रियासत नहीं
सुरेश अविनाश
- 11 Apr 2024, 10:33 PM
- Updated: 10:33 PM
शिमला, 11 अप्रैल (भाषा) हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने बृहस्पतिवार को मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह (सिंह) उन्हें न तो धमकी दे सकते हैं, न वापस भेज सकते हैं, क्योंकि यह (प्रदेश) कांग्रेस नेता के पूर्वजों की रियासत नहीं है।
कंगना ने मंडी संसदीय सीट के अंतर्गत मनाली विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “ये तुम्हारे बाप-दादा की रियासत नहीं है कि तुम मुझे डरा-धमकाकर वापस भेज दोगे।’’
उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नया भारत है, जहां चाय बेचने वाला एक छोटा, गरीब लड़का लोगों का सबसे बड़ा नायक और प्रधान सेवक है।
हिमाचल के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को कहा था कि कंगना 'विवादों की रानी' हैं और समय-समय पर दिए गए उनके बयानों पर सवाल उठते रहेंगे।
सिंह पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह के बेटे हैं।
गोमांस खाने पर कंगना की कथित टिप्पणियों का जिक्र करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा था, "मैं भगवान राम से प्रार्थना करता हूं कि वह उन्हें बुद्धि दें और आशा करता हूं कि वह देवभूमि हिमाचल से शुद्ध होकर बॉलीवुड वापस जाएंगी। वह चुनाव नहीं जीत पाएंगी, क्योंकि वह (कंगना) हिमाचल के लोगों के बारे में कुछ नहीं जानती हैं।’’
परोक्ष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विक्रमादित्य सिंह को "पप्पू" करार देते हुए कंगना ने कहा कि दिल्ली में एक "बड़ा पप्पू" है और हिमाचल में "छोटा पप्पू", जो कहता है कि वह (कंगना) गोमांस खाती हैं। अभिनेत्री ने पूछा कि वह (सिंह) उनके गोमांस खाने का सबूत क्यों नहीं दिखा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''मैं आयुर्वेदिक और योगिक जीवनशैली का पालन करती हूं।''
विक्रमादित्य सिंह को ‘‘एक नंबर का झूठा’’ और ‘‘पलटूबाज़’’ करार देते हुए उन्होंने आश्चर्य जताया कि जब "बड़ा पप्पू" ही "नारी शक्ति" को नष्ट करने की बात करता है तो उनसे (छोटे पप्पू से) क्या उम्मीद की जा सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने पिता और मां की मदद के बिना फिल्म उद्योग में अपना नाम बनाया है... मैं राजनीति में शामिल होना चाहती हूं और लोगों की सेवा करना चाहती हूं।" उन्होंने कहा कि राजनीति सेवा की अभिव्यक्ति है और राजा से लेकर रंक उस अभिव्यक्ति के हकदार हैं।
उन्होंने कहा कि पूरा देश चल रहे नवरात्र के दौरान बेटियों की पूजा कर रहा है, लेकिन कांग्रेस नेताओं की महिला विरोधी सोच में कोई बदलाव नहीं आया है। कंगना ने विक्रमादित्य सिंह को चुनौती देते हुए कहा, ''अगर वह (सिंह) मेरी फिल्म का एक भी दृश्य सफलतापूर्वक कर सके, तो मैं राजनीति और देश छोड़ दूंगी।''
कंगना के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उनकी "बड़ी बहन कंगना रनौत" ने आज उनके लिए जिस तरह की भाषा और शब्दों का इस्तेमाल किया है, कांग्रेस और हिमाचल प्रदेश ने कभी भी देवभूमि हिमाचल में इस्तेमाल नहीं किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं कहना चाहूंगा कि ऐसी भाषा का उपयोग करने के बजाय, बेहतर होता अगर वह मनाली के मुद्दों के बारे में बात करतीं।’’ उन्होंने पूछा कि क्या वह अब तक की सबसे खराब मानसून आपदा के दौरान एक दिन के लिए भी मनाली आई थीं?
उन्होंने दोहराया कि आपदा के समय वह ‘ग्राउंड जीरो’ पर मौजूद थे। उन्होंने क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से बताया।
सिंह ने कहा, ‘‘मुंबई में आप क्या खाती हैं क्या पीती हैं, इससे हिमाचल के लोगों को कोई लेना-देना नहीं है। कृपया मुद्दों और अपने दृष्टिकोण पर बात करें कि आपदा के दौरान आपने क्या किया और भविष्य में आपकी भूमिका क्या होगी।’’
कंगना ने कहा कि मनाली उनका घर है और वह एक छोटे से गांव में शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहती हैं। उन्होंने कहा, ''मैंने यहां एक घर बनाया है।''
कंगना ने मनाली की अपनी रैली के दौरान एक बुजुर्ग दंपती के पांव छूए।
भाषा सुरेश