धन की कमी के कारण कांग्रेस को उम्मीदवारों का समर्थन करने में दिक्कत हो रही है : जयराम रमेश
प्रशांत अविनाश
- 11 Apr 2024, 10:00 PM
- Updated: 10:00 PM
गुवाहाटी, 11 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बृहस्पतिवार को कहा कि पार्टी को लोकसभा चुनाव में अपने उम्मीदवारों का समर्थन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी मुख्य वजह “केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों” के कारण उत्पन्न वित्तीय संकट है।
उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी चुनाव में बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी और विपक्षी गठबंधन उसकी प्रगति को बाधित करने के सभी प्रयासों के बावजूद “स्पष्ट और ठोस बहुमत” हासिल करेगा।
रमेश ने कहा, “हमारे लिए समस्याएं पैदा करने की कोशिश की गई है। हमारे खाते फ्रीज कर दिए गए और सार्वजनिक धन के माध्यम से प्राप्त 300 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री द्वारा चुरा लिए गए।”
आयकर विभाग ने 2018-19 के लिए 210 करोड़ रुपये की कर मांग पर फरवरी में कांग्रेस के चार प्रमुख बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी थी।
रमेश ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को रोजाना अपमानित किया जाता है और ऐसे हमलों का नेतृत्व असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा कर रहे हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार की ऐसी कार्रवाई से पार्टी को किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, उन्होंने कहा, “मैं इस बात से असहमत नहीं हूं कि हमें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हमें अक्षम बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम डटे रहेंगे। हम अपने पैरों पर खड़े होंगे और लड़ेंगे।”
उन्होंने दावा किया कि पार्टी उन उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, जो युवाओं, महिलाओं और किसानों जैसे समाज के सभी वर्गों के समर्थन से लड़ रहे हैं।
रमेश ने कहा, “वे (भाजपा) हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम नहीं डरेंगे। असल में वे डरे हुए हैं और इसीलिए वे हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं।”
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को 272 से अधिक सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत मिलने का दावा करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि चार जून को लोकसभा नतीजे आने के बाद पूर्वोत्तर के सभी क्षेत्रीय दल भाजपा विरोधी गठबंधन में शामिल होने के लिए तैयार होंगे।
भारतीय क्षेत्र पर चीन के दावे और स्थानों के नाम बदलने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग था और रहेगा।
उन्होंने कहा, “चीन द्वारा हमारे स्थानों का नाम बदलना स्वीकार्य नहीं है। लेकिन हमारी भाजपा सरकार क्या कर रही है? मोदी ने 19 जून, 2020 को कहा था कि चीन से कोई नहीं आया और कोई हमारी जमीन पर नहीं बैठा है। प्रधानमंत्री ने मूल रूप से चीन को क्लीन चिट दे दी।”
रमेश ने दावा किया कि प्रधानमंत्री द्वारा किसी भी चीनी कब्जे से इनकार करने से भारत की बातचीत की स्थिति कमजोर हो गई है।
उन्होंने कहा कि यह लोकसभा चुनाव लोकतंत्र, संविधान और देश की विविधता को बचाने के लिए है।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने कहा कि ये अमृत काल है, लेकिन असल में ये अन्याय काल है। किसानों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और पिछड़े वर्गों के साथ अन्याय हुआ है। यह चुनाव पिछले 10 वर्षों के अन्याय से मुक्ति पाने के लिए है।”
रमेश ने पार्टी के घोषणापत्र का जिक्र करते हुए कहा, “25 गारंटी के साथ कांग्रेस के पांच न्याय भारत को अन्याय से मुक्त करने के समाधान हैं। यह एक पार्टी की गारंटी है, किसी व्यक्ति की नहीं।”
उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई दो बड़े मुद्दे हैं और ऐसी सामाजिक असमानताओं से लड़ने के लिए कांग्रेस का ‘गारंटी कार्ड’ तैयार है।
हाल के महीनों में कांग्रेस के कई नेताओं के पार्टी छोड़ने के तथ्य को लेकर चिंता न व्यक्त करते हुए रमेश ने कहा कि अन्य लोगों के इस्तीफा देने के बाद से नए और समर्पित युवाओं को अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा, “कई अवसरवादी लोग हमें छोड़ गए और खुद को वॉशिंग मशीन में साफ कर लिया। बाजार में सबसे अच्छी वॉशिंग मशीन ‘लोटस वॉशिंग मशीन’ है और सबसे अच्छा वॉशिंग पाउडर ‘मोदी पाउडर’ है। असम के मुख्यमंत्री ने इसका बहुत सफलतापूर्वक प्रयोग किया।”
विपक्षी दल अक्सर दावा करते हैं कि भाजपा एक “वॉशिंग मशीन” बन गई है, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे लोग शामिल होकर “बेदाग” हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, “एक नयी और मजबूत कांग्रेस का गठन हो रहा है। हमारी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध लोग अब हमसे जुड़ रहे हैं। लोगों ने मन बना लिया है कि इस चुनाव में किसे वोट देना है।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कांग्रेस के घोषणापत्र की तुलना मुस्लिम लीग के घोषणापत्र से करने को शर्मनाक बताते हुए रमेश ने कहा कि आजादी से पहले भाजपा विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मुस्लिम लीग के साथ मिलकर सरकार बनाई थी।
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