केरल में प्रदर्शनकारियों ने तुषार गांधी के खिलाफ की नारेबाजी
शोभना माधव
- 13 Mar 2025, 04:38 PM
- Updated: 04:38 PM
तिरुवनंतपुरम, 13 मार्च (भाषा) केरल में तिरुवनंतपुरम के निकट कथित तौर पर आरएसएस-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी के खिलाफ नारेबाजी की और उनसे आरएसएस के खिलाफ दिए गए बयान को वापस लेने का आग्रह किया।
पुलिस ने बताया कि संघ परिवार से कथित रूप से जुड़े लोगों के एक समूह ने बुधवार शाम नेय्याट्टिनकारा में एक समारोह के अंत में तुषार गांधी के खिलाफ नारे लगाए।
उन्होंने बताया कि इस संबध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
टीवी चैनलों पर दिखाए गए दृश्यों में कुछ लोगों का समूह गांधी के खिलाफ नारे लगाते हुए उनसे अपना बयान वापस लेने की मांग करते हुए दिखाई दिया।
तुषार गांधी दिवंगत गांधीवादी पी गोपीनाथन नायर की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए नेय्याट्टिनकारा गए थे।
टीवी चैनलों की खबरों के अनुसार आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के दौरान तुषार गांधी की आरएसएस के खिलाफ टिप्पणी का विरोध किया।
अपने भाषण में उन्होंने कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ), जिनका राज्य में एक-दूसरे से लड़ने का लंबा इतिहास रहा है, को यह समझने की जरूरत है कि एक और बहुत खतरनाक और कपटी दुश्मन केरल में प्रवेश कर चुका है और वह है आरएसएस और भाजपा।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम भाजपा को हराने में सक्षम होंगे लेकिन आरएसएस जहर है। हमें इसके प्रति बहुत सतर्क रहना होगा क्योंकि अगर यह हमारे देश की परिसंचरण प्रणाली में फैल गया तो सब कुछ खत्म हो जाएगा।’’
तुषार गांधी ने कहा कि केरल के दोनों राजनीतिक मोर्चों को यह याद दिलाना होगा कि भारत की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है और उनके राजनीतिक हित चाहे जो भी हों, इस समय यह कम महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस अंग्रेजों से भी अधिक खतरनाक है तथा दावा किया कि अंग्रेजों ने शासन करना चाहा था लेकिन वर्तमान खतरा हमारे अस्तित्व के लिए खतरा है।
तुषार गांधी ने कहा, ‘‘ वे (आरएसएस) देश की आत्मा को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें इससे डरना चाहिए। क्योंकि अगर यह (आत्मा) खो गई तो सब कुछ खो जाएगा।’’
तुषार गांधी ने उनसे इन विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ लड़ने के अपने निर्णय पर अडिग रहने का आग्रह किया।
भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और तुषार गांधी की कार को रोके जाने के बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नगरपालिका वार्ड का प्रतिनिधित्व भाजपा करती है और तुषार गांधी को आरएसएस पर दिए गए बयान को वापस लेने की मांग की।
हालांकि तुषार गांधी कथित तौर पर ‘‘गांधीजी की जय’’ का नारा लगाने के बाद वहां से चले गए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका रुख अडिग है।
बाद में, तुषार गांधी ने कहा कि वह आरएसएस-भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे।
उन्होंने बृहस्पतिवार को एक टीवी चैनल से कहा, ‘‘मेरे ऊपर कोई हमला नहीं हुआ, उन्होंने केवल मेरा वाहन रोका इसलिए मैं कोई कार्रवाई नहीं करूंगा।’’
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर तुषार गांधी को समर्थन दिया है। कोच्चि में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने आरोप लगाया कि तुषार गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन महात्मा गांधी का अपमान है और उन्होंने इसे फासीवाद का निंदनीय कृत्य बताया।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) प्रमुख के सुधाकरन ने घटना की निंदा की।
सुधाकरन ने कहा, ‘‘ जो सांप्रदायिक ताकतें गांधी को दरकिनार करती हैं और गोडसे का महिमामंडन करती हैं, उनके लिए केरल की धर्मनिरपेक्ष धरती पर कोई जगह नहीं है।’’
भाषा शोभना