हिमाचल: तीन निर्दलीय विधायकों ने उच्च न्यायालय का रुख किया
देवेंद्र माधव
- 10 Apr 2024, 09:06 PM
- Updated: 09:06 PM
शिमला, 10 अप्रैल (भाषा) हिमाचल प्रदेश में तीन निर्दलीय विधायकों ने विधानसभा से उनके इस्तीफे स्वीकार किये जाने के अनुरोध को लेकर बुधवार को उच्च न्यायालय का रुख किया।
इन निर्दलीय विधायकों ने हाल के राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को वोट दिया था।
तीन निर्दलीय विधायकों होशियार सिंह, आशीष शर्मा और के. एल. ठाकुर ने 27 फरवरी को हुए राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया था और 22 मार्च को विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था।
कांग्रेस विधायक दल के एक अभ्यावेदन के बाद हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इन विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 10 अप्रैल तक स्पष्टीकरण मांगा था, जिसमें दावा किया गया था कि इन विधायकों ने स्वेच्छा से नहीं बल्कि दबाव में इस्तीफा दिया है।
अध्यक्ष ने बुधवार को कहा कि तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे पर तब तक फैसला नहीं लिया जा सकता, जब तक कि अदालत में मामले का फैसला नहीं आ जाता।
मुख्य न्यायाधीश एम एस रामचन्द्र राव और न्यायमूर्ति आनंद मोहन गोयल की खंडपीठ ने विधायकों की याचिका पर सुनवाई की और विधानसभा अध्यक्ष से अपना जवाब दाखिल करने को कहा।
अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 24 अप्रैल तय की।
याचिकाकर्ताओं में से एक होशियार सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी याचिका में अनुरोध किया कि उन्होंने बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है और इस्तीफा तुरंत स्वीकार किया जाना चाहिए था।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम अध्यक्ष के सामने पेश हुए और अपना रुख दोहराया कि हमने बिना किसी दबाव या प्रलोभन के स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है।’’
सिंह ने कहा कि इस्तीफों को तुरंत स्वीकार कर लिया जाना चाहिए था क्योंकि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अपने कागजात सौंपे थे और 10 अप्रैल को पेश होने वाला कारण बताओ नोटिस दो या तीन दिन पहले दिया जा सकता था।
पठानिया ने कहा कि मंत्रियों सहित कांग्रेस के लगभग दस विधायकों ने शिकायत दर्ज की है कि निर्दलीय विधायकों ने दबाव में इस्तीफा दे दिया है और इस्तीफे स्वीकार करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें 10 अप्रैल को पेश होने के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा गया था।
इस बीच, निर्दलीय विधायकों ने अदालत का रुख किया है और अध्यक्ष के अधिकार को भी चुनौती दी है।
पठानिया ने कहा कि दो समानांतर प्रक्रियाएं जारी हैं और ‘‘हम 24 अप्रैल को अगली सुनवाई से पहले जवाब दाखिल करेंगे और उच्च न्यायालय द्वारा मामले पर फैसला सुनाए जाने तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता है।’’
अपने इस्तीफे स्वीकार करने में देरी से नाराज तीन निर्दलीय विधायक भी 30 मार्च को विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए थे।
भाषा
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