वक्फ विधेयक का पुरजोर विरोध करेंगे, ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों को साथ लेंगे: रमेश
हक नरेश
- 07 Mar 2025, 03:23 PM
- Updated: 03:23 PM
(अनवारुल हक)
नयी दिल्ली, सात मार्च (भाषा) कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से कुछ दिनों पहले शुक्रवार को कहा कि यदि सरकार वक्फ संशोधन विधेयक लाती है तो उनकी पार्टी सभी लोकतांत्रिक माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए इसका पुरजोर विरोध करेगी क्योंकि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में ‘‘बुलडोजर चलाया गया और तानाशाही हुई।’’
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में यह भी कहा कि कांग्रेस वक्फ विधेयक को लेकर ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों को इस मुद्दे पर एकजुट करने के लिए उनके साथ व्यापक विचार-विमर्श करेगी तथा आने वाले दिनों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे विपक्षी दलों के नेताओं से खुद बात करेंगे।
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आगामी 10 मार्च से चार अप्रैल तक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि सरकार इस दौरान वक्फ संशोधन विधेयक पेश कर सकती है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले दिनों संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) द्वारा प्रस्तावित 14 संशोधनों को अपनी मंजूरी दी थी।
राज्यसभा सदस्य रमेश ने वक्फ संशोधन विधेयक से जुड़े सवाल पर कहा, ‘‘हम यह मानकर चल रहे हैं कि अगले दो तीन हफ्तों में वक्फ संशोधन विधेयक पेश होगा। हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मांग थी कि जेपीसी का गठन होना चाहिए और फिर गठन हुआ। लेकिन जेपीसी में बुलडोजर चलाया गया है...दो दिन का समय देकर सदस्यों को 600 पन्नों की रिपोर्ट पकड़ा दी गई। विपक्ष के सांसदों के सुझावों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया।’’
कांग्रेस नेता का कहना था, ‘‘जेपीसी में खंड-वार चर्चा होती है। लेकिन पहली बार इस तरह की तानाशाही देखने को मिली कि जेपीसी में खंड-वार चर्चा नहीं हुई। जिस तरह से जेपीसी में बुलडोजर चलाया गया, उसका हम विरोध करेंगे।’’
उनके मुताबिक, ‘इंडिया’ गठबंधन के दूसरे घटक इसका पूरा विरोध करेंगे।
रमेश ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘सभी लोकतांत्रिक माध्यमों का इस्तेमाल करके हम इसका विरोध करेंगे।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम सिर्फ विरोध करने के लिए विरोध नहीं कर रहे हैं। हमारा कहना है कि जेपीसी को तानाशाही तरीके से चलाया गया है। सांसदों के असहमति नोट और सुझावों को नजरअंदाज किया गया है। सिर्फ राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के सांसदों के सुझावों को स्वीकार किया गया। इस तरह से बुलडोजर नहीं चलाया जा सकता।’’
जनता दल (यू) और तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा) के विधेयक का समर्थन करने से जुड़े सवाल पर रमेश ने दावा किया, ‘‘जद (यू) और तेदेपा के कई सांसदों ने निजी तौर पर मुझसे कहा कि वे नहीं चाहते कि यह विधेयक पारित हो। उनकी पार्टी ने निर्णय लिया और उन्होंने जेपीसी में इसका समर्थन किया। अब नीतीश बाबू और चंद्रबाबू क्या करेंगे, मुझे नहीं मालूम। लेकिन उनका असली चेहरा दिखाई देगा।’’
यह पूछे जाने पर कि ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के बीच हालिया मतभेदों को देखते हुए संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में क्या उनके बीच एकजुटता दिखेगी, तो रमेश ने कहा कि मतभेद की बात गलत है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘ इंडिया ‘जनबंधन’ लोकसभा चुनाव के लिए बनाया गया था। लोकसभा चुनाव में हमने गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ा...इस गठबंधन के बनने के समय लोग जानते थे कि हम केरल में वामपंथियों के खिलाफ लड़ रहे हैं, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ और दिल्ली में आम आदमी पार्टी के खिलाफ लड़ रहे हैं। यह तय हुआ था कि लोकसभा में भाजपा के खिलाफ हम मिलकर लड़ेंगे और विधानसभा चुनावों में एक दूसरे के खिलाफ लड़ेंगे।’’
उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दूसरे चरण में इस गठबंधन के सभी घटक दलों के बीच दोनों सदनों में समन्वय दिखाई देगा।
रमेश ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी और अन्य विपक्षी दल मतदाता पहचान पत्र क्रमांक के कथित दोहराव का विषय भी संसद उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है और इसे संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह उठाना जारी रखा जाएगा।
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